
इस्लामाबाद. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान को एक और बड़ा झटका लगा है. पीटीआई के वरिष्ठ नेता और उनकी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे फवाद चौधरी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया है. पाकिस्तान में 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुई हिंसा के बाद पीटीआई से नाता तोड़ने वालों में फवाद चौधरी दूसरे बड़ा नाम हैं. उनसे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ पीटीआई नेता शिरीन मजारी भी पीटीआई छोड़ने का ऐलान कर चुकी हैं.
फवाद चौधरी पिछले कुछ दिनों से किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं दिख थे. ऐसे में उनके सियासी कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई थी. इस बीच बुधवार शाम उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ‘मेरे पहले के बयान में मैंने 9 मई की घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की थी. मैंने राजनीति से ब्रेक लेने का फैसला किया है, इसलिए मैंने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया है और इमरान खान से अलग हो रहा हूं.’
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गौरतलब है कि बीती 9 मई को पाकिस्तान में कई जगहों पर पीटीआई समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद छोटे-बड़े 35 से ज्यादा नेता इमरान खान की पार्टी से नाता तोड़ने का ऐलान कर चुके हैं. उधर इमरान खान का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार उनकी पार्टी को कुचलने की कोशिश कर रही है, जिससे कि वे चुनाव नहीं लड़ सके.
PTI पर बैन लगाने की तैयारी
इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि सरकार इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के खिलाफ पाबंदी लगाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर खान के समर्थकों द्वारा हमले किये जाने के बाद यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है.
गौरतलह है कि पाकिस्तानी रेंजर्स के जवानों ने 9 मई को 70 वर्षीय इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद देशभर में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे थे. उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाहौर कोर कमांडर आवास, जिसे जिन्ना हाउस भी कहा जाता है, के अलावा मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस) भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी.
पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, भीड़ ने रावलपिंडी में थलसेना मुख्यालय पर हमला किया था. पुलिस ने हिंसक झड़पों में मारे गये लोगों की संख्या 10 बताई थी, जबकि इमरान खान की पार्टी का दावा था कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में उसके 40 जवानों की मौत हो गई. (भाषा इनपुट के साथ)
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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 20:00 IST








