Quant Mutual Fund: कम लागत, रिटर्न ज्‍यादा, 5 फंड बरसा रहे हैं पैसा, 3 साल में दिया 43% तक मुनाफा

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

क्‍वांट फंड का एक्‍सपेंस रेश्‍यो काफी कम होता है.
शेयर चुनने में फंड मैनजर की भूमिका होती है सीमित.
डेटा एनालिसिस के आधार पर होता है शेयर का चुनाव.

नई दिल्‍ली. क्‍वांट म्‍यूचुअल फंड्स भारत में भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहे हैं. इसका कारण है कुछ क्‍वांट फंडों द्वारा दिया गया शानदार रिटर्न. क्‍वांट फंड में शेयरों को चुनने में फंड मैनेजर की ज्‍यादा भूमिका नहीं होती. म्यूचुअल फंड की ये स्कीम्स निवेश के लिए शेयरों का फैसला कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से गणितीय आधार (एल्गोरिद्म) पर करती हैं. पिछले 3 साल में कुछ क्‍वांट फंड्स ने निवेशकों को अच्‍छा मुनाफा दिया है. इन फंड्स में क्‍वांट वैल्‍यू फंड, क्‍वांट ईएसजी इक्विटी फंड, निपॉन इंडिया क्‍वांट फंड, डीएसपी क्‍वांट फंड और टाटा क्‍वांट फंड शामिल हैं. भले ही इन फंड्स ने अभी तक अच्‍छा रिटर्न दिया है, लेकिन निवेशकों को यह बात जरूर ध्‍यान में रखनी चाहिए कि म्‍यूचुअल फंड से मुनाफा होगा, यह जरूरी नहीं है.

इक्विटी इन्वेस्टमेंट से बढिया रिटर्न लेने के लिए 2 सलाह आमतौर पर दी जाती है. पहली निवेशक को कभी भावनाओं में बहकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए. दूसरी, निवेश निर्णय हमेशा तथ्‍यों यानी आंकड़ों पर आधारित होना चाहिए. क्‍योंकि क्वांट आधारित म्यूचुअल फंड स्कीमें शेयर को चुनने में डेटा बेस्ड अप्रोच को अपनाती हैं. फंड हाउस अपने इन-हाउस डेवलप किए गए मॉडल को अपनाते हैं. अर्निंग, प्राइस टू बुक वैल्यू, पीई, ग्रोथ, वैलुएशन जैसी बातों का ध्यान रखते हुए शेयर चुने जाते हैं. मानवीय हस्‍तक्षेप कम होने से इनमें भावनाओं में बहकर किसी शेयर को चुनने का जोखिम न के बराबर होता है.

ये भी पढ़ें- Property Knowledge: प्रॉपर्टी डील में बस इतना ही लें कैश, वरना घर आएगा नोटिस, छोटी सी गलती पड़ेगी बड़ी भारी

क्‍वांट फंड के तीन बड़े फायदे
क्‍वांट फंड में निवेश करने पर लागत काफी कम आती है क्‍योंकि इनका एक्‍सपेंस रेश्‍यो 0.5 फीसदी है. अन्‍य फंड्स में यह 1.25 से 2.50 फीसदी तक होता है. क्‍वांट फड रिटर्न के लिहाज से भी दूसरी श्रेणी के फंडों पर भारी पड़ रहा है और निवेशकों को मोटा रिटर्न दे रहा है. क्‍वांट फंड में फंड मैनेजर की शेयर चुनने में काफी सीमित होती है. इसलिए इनमें फ्रंट रनिंग और इनसाइडर ट्रेनिंग जैसी गड़बडियां होने का खतरा बहुत ही कम होता है.

इन क्‍वांट फंडों ने दिया शानदार रिटर्न
15 मई 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार, क्‍वांट वैल्‍यू फंड ने पिछले तीन साल में शानदार रिटर्न देने वाले फंडों में शामिल रहा है. तीन साल का इसका रिटर्न 43.50 फीसदी रहा है. दो साल में इसने 13.23 फीसदी तो एक साल में 15.41 फीसदी रिटर्न दिया है. क्‍वांट ईएसजी इक्विटी फंड ने तीन साल में 40.2 फीसदी, दो साल में 12.16 फीसदी और एक साल में 16.58 फीसदी रिटर्न दिया है. निपॉन इंडिया क्‍वांट फंड का तीन साल का रिटर्न 25.96 फीसदी, दो साल का 13.52 फीसदी और एक साल का 22.66 फीसदी रहा है. डीएसपी क्‍वांट फंड ने तीन साल में 21.40 फीसदी, दो साल में 7.40 फीसदी और एक साल में 11.30 फीसदी रिटर्न दिया है. टाटा क्‍वांट फंड का रिटर्न तीन साल में 14.78 फीसदी, दो साल में 5.12 फीसदी और एक साल में 16.71 फीसदी रहा है.

(Disclaimer: यहां बताए गए म्‍यूचुअल फंड वित्‍तीय सलाहकार की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

Tags: Business news in hindi, Investment, Money Making Tips, Mutual fund

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें