
रवि पायक/ भीलवाड़ा. लंपी वायरस ने प्रदेश सहित पूरे देश में हाहाकार मचाया था. इस वायरस के कहर से कई पशुओं की मौत हो गई थी. मगर समय रहते पशुपालन विभाग ने इस पर काबू पा लिया मगर पशुपालकों के लिए एक बुरी खबर दोबारा सामने आई है. लंपी वायरस ने एक बार फिर दस्तक दे दी हैं. यह वायरस पिछले वायरस की तरह ही घातक है. वही पशुपालन विभाग के संयुक्त निर्देशक डॉ अलका गुप्ता का कहना है कि यदि किसी गोवंश में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सालय में सूचना दें.
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ अल्का गुप्ता ने बताया कि भीलवाड़ा जिले में लंपी वायरस को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. जिले में लंपी रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है. यह कक्ष 24 घंटे और हफ्ते के सातों दिन काम करेगा. ब्लॉक लेवल पर भी भीलवाड़ा में टीम गठित कर दी गई है. जिससे पता लगाया जा सके की लंपी वायरस की स्थिति क्या है. भीलवाड़ा जिले की सभी संस्थानों को लंपी वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन दे दी गई. भीलवाड़ा जिले के पास करीब 2 लाख 6000 गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध है. इसकी शुरुआत जिले के गौशालाओं से की गई. वही भीलवाड़ा जिले में करीब 11,77 लाख गोवंश और भैंस है इन्हें वैक्सीन लगाई जायेगी.
संयुक्त निदेशक अल्का गुप्ता ने यह भी बताया कि भीलवाड़ा जिले के पशुपालकों को बताया गया है कि अपने पशुओं को मच्छर, मक्खी से बचाव करें व समय-समय पर स्प्रे करते रहे. अगर किसी व्यक्ति को लंपी वायरस से ग्रसित गाय मिलती है या कोई ऐसा लक्ष्मण किसी पशु में दिखाई देता है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. लंपी वायरस के लक्षण पशुओं में लाल आँख होना, बुखार आना, पशुओं का भूखा रहना या दूध में कमी होना यह लक्षण दिखाई दे तो पास के पशु चिकित्सालय में जाकर तुरंत सूचना दें.
पिछले वर्ष यह रहा आंकड़ा
संयुक्त निदेशक डॉ अल्का गुप्ता ने बताया कि भीलवाड़ा जिले में पिछले वर्ष लंबी रोग से 30380 पशु संक्रमित हुए थे. जिसमें से 2564 पशु लंबी वायरस की चपेट में आने से मृत हो गए. पशुपालन विभाग इस बार पहले से ही अपनी तैयारी को पुख्ता कर रहा है. जिससे आने वाले समय में पशुओं को अपना जीवन ना खोना पड़े. भीलवाड़ा जिले में टीकाकरण का अभियान जल्द ही तेज किया जाएगा.
वैक्सीन की जाने क्याहै वैलिडिटी
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ गुप्ता ने यह भी कहा कि भीलवाड़ा जिले में लंपी से बचाव के लिए और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गोट पॉक्स वैक्सीन लगाई जा रही है. पिछले साल जिन पशुओं को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है. 1 साल का समय होने के बाद उन्हें दोबारा वैक्सीन लगाई जानी है.
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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 16:51 IST








