भारत में चलन में थे 5,000 और 10,000 के नोट, आज की जनरेशन को तो इस बारे में मालूम ही नहीं

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हाइलाइट्स

1938 में अग्रेज हुकुमत ने 10 हजार रुपये का नोट जारी किया.
अंग्रेज सरकार ने 1946 में चलन से बाहर कर दिया गया.
आजादी के बाद 1978 तक 10 हजार का नोट चलन में रहा.

नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर कर दिया है. जिन लोगों के पास 2,000 हजार रुपये के नोट हैं, वो 30 सितंबर 2023 तक इन्‍हें अन्‍य नोटों से बदला सकते हैं या फिर अपने बैंक अकाउंट में जमा करा सकते हैं. आज की जनरेशन 2,000 के नोट को ही देश का सबसे बड़ा नोट समझती है. हालांकि, हकीकत में ऐसा नहीं है. भारत में 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के नोट भी चलन में रहे हैं. काले धन पर लगाम लगाने के नाम पर इनको भी सरकार ने बंद कर दिया था.

भारत का सबसे ज्‍यादा मूल्‍य का करंसी नोट पहली बार 1938 में छपा था. उस समय भारत पर अंग्रेजों का शासन था. 1938 में चलन में आए दस हजार रुपये का नोट ज्‍यादा दिन नहीं चल पाया. 8 साल बाद ही अंग्रेज हुकुमत ने इसे बंद करने का निर्णय ले लिया और यह 1946 में चलन से बाहर कर दिया गया. दस हजार के नोट को बंद करने की वजह व्‍यापारियों की मुनाफाखोरी को बताया जाता है.

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अंग्रेजों द्वारा चलाया गया 10 हजार रुपये का नोट. (@madskak/twitter)

आजादी के बाद फिर चलन में आए बड़े नोट
1947 में आजादी मिलने के बाद भारत में 5,000 और 10,000 रुपये के करंसी नोट चलन में आए. साल 1954 यानी आजादी से सात साल बाद इसे छापा गया था. इसके साथ ही 1,000 रुपये के नोटों को फिर से चलन में लाया गया. बड़े मूल्‍य के करेंसी नोटो का इस्‍तेमाल भारत में करीब 24 साल तक धड़ल्‍ले से हुआ. 1978 में मोरारजी देसाई सरकार ने 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया. नोटबंदी की यह घोषणा आकाशवाणी पर की गई.

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जनता पर नहीं हुआ ज्‍यादा असर
मोरारजी देसाई ने जब नोटबंदी का ऐलान किया तो उसका नागरिकों पर इसका ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. इसका कारण यह था कि उस समय बड़े नोट ज्यादा सर्कुलेशन में नहीं थे. रिजर्व बैंक के अनुसार 31 मार्च 1976 तक कुल 7,144 करोड़ की करेंसी चलन में थी. इसमें 1,000 के नोट 87.91 करोड़ रुपये मूल्‍य के थे. यह कुल राशि का मात्र 1.2 प्रतिशत थे. 5,000 के नोट केवल 22.90 करोड़ रुपये मूल्‍य के थे. जबकि 10,000 के कुल 1260 नोट चलन में थे जिनकी वैल्यू 1.26 करोड़ थी. इस प्रकार इन तीनों बड़े नोटों का कुल सर्कुलेशन 2 फीसदी से भी कम था.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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