Aastha : 208 साल पुराना है माता मनसा देवी मंदिर का इतिहास, जानिए इस शक्तिपीठ की कहानी

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तारा ठाकुर/पंचकूला. पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है. अपने आप में ही एतिहास समेटे हुए प्राचीन मंदिर खास है क्योंकि ये वही जगह है.जहां माता का मस्तिष्क गिरा था. कहते है कि जो भी सच्चे मन से माता के दरबार में पहुंचता है, माता उसकी मनोकामना को जरूर पूरा करती हैं.

माता मनसा देवी के मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने साल 1811 और 1815 के बीच में करवाया था. बताया जाता है कि यहां पर माता सती का मस्तिष्क गिरा था, जिसके बाद इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया. करीब 200 सालों से इस मंदिर में श्रद्धालु माता मनसा देवी के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं. आज तक कोई भी शख्स माता के दरबार से खाली हाथ नहीं गया है. देश-विदेश से श्रद्धालु यहां माता मनसा देवी के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं.

मनीमाजरा के महाराज ने बनवाया था मंदिर
मंदिर का इतिहास बताता है कि मनीमाजरा के महाराज गोपाल सिंह ने मनोकामना मांगी थी और जब मनोकामना पूरी हुई. तब इस मंदिर का निर्माण करवाया था. उनके महल से लेकर माता मनसा देवी मंदिर तक एक गुफा भी थी. जिसके माध्यम से राजा रोज इस गुफा से होते हुए मंदिर पहुंचे थे और माता मनसा देवी की पूजा अर्चना करते थे. इस मंदिर में कई सालों से श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं. पंचकूला माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा माता के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं.

कोरोना महामारी में भी लगती थी भीड़
इस मंदिर में आने वाले बुजुर्ग, दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और व्हीलचेयर की सुविधा मुहैया करवाई जाती है ताकि यहां आने वाले बुजुर्ग दिव्यांग और गर्भवती महिलाएं माता मनसा देवी के दरबार में माथा टेक सकें. कोरोना महामारी के दौरान जहां लोग अपने घरों से निकलने के लिए डरते थे लेकिन माता के भक्त उस समय भी माता मनसा देवी के दर्शनों के लिए पहुंचा करते थे. माता मनसा देवी के दरबार के साथ ही पटियाला माता का मंदिर है जिसे महाराजा पटियाला ने बनवाया था.

कौन है मनसा देवी ?
इस मंदिर को लेकर एक कथा यह भी है कि भगवान शिव और माता पार्वती की छोटी पुत्री माना जाता है. इनका प्रादुर्भाव मस्तक से हुआ है इस कारण इनका नाम मनसा पड़ा. महाभारत के अनुसार इनका वास्तविक नाम जरत्कारु है और इनके समान नाम वाले पति महर्षि जरत्कारु तथा पुत्र आस्तिक जी हैं.

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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 13:07 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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