
शिखा श्रेया/रांची. झारखंड अकादमी काउंसिल ने मंगलवार को मैट्रिक के रिजल्ट की घोषणा कर दी. रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा स्कूल की पढ़ने वाली मेघा कुमारी सिंह ने 96.8% लाकर पूरे रांची में दूसरी तो महिला में पहली टॉपर बनी. मेघा बताती है 95% तक तो उम्मीद थी. लेकिन मैं 96 से ऊपर आएगा इसकी उम्मीद नहीं थी. हालांकि मैंने मेहनत तो बहुत की थी लेकिन इस मेहनत में मेरा ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का अटूट सहयोग रहा.
मेघा ने News18 Localसे बातचीत के दौरान बताया मैं हर दिन कंसिस्टेंसी के साथ से दो-तीन घंटे पढ़ाई करती थी.क्योंकि पढ़ाई के साथ-साथ काम में भी योगदान देना होता था.सुबह में अपनी मां के साथ मिलकर खाना बनाकर स्कूल जाया करती थी. फिर स्कूल से 2:00 बजे आने के बाद फिर से घर के कुछ काम करती थी और शाम के 7:00 बजे से पढ़ने बैठ जाया करती थी.
कंसिस्टेंसी जरूरी तो कमजोर विषय पर विशेष ध्यान
मेघा बताती है कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी होती है.2 घंटा ही पढ़ा लेकिन हर दिन पढ़ा.मैंने एक दिन भी पढ़ाई नहीं छोड़ी. साथी मैथ्स में थोड़ा कमजोर थी तो हर दिन विशेष तौर पर मैथ पर अधिक ध्यान देती थी.साथ ही लगातार रिवीजन,कड़ी मेहनत और लगन ही सफलता की कुंजी है. आगे कहा, मेरी मेहनत तो हैं लेकिन इस जर्नी में खासकर मेरे पूरे परिवार वालों का साथ रहा.मेरा जॉइंट फैमिली है मेरे चाचा चाची व मेरे कजन भाई-बहन इन सब का भरपूर सहयोग रहा.कभी भी लो फेज़ आता तो सब मिलकर मुझे मोटिवेट किया करते थे.
आपके शहर से (रांची)
NDA निकाल बनना है आर्मी अफसर
मेघा बताती है अब मैं 11वीं में साइंस लेकर पढ़ाई करूंगी व मेरा सपना एनडीए निकालना है और आर्मी अफसर बन देश की सेवा करना है.आर्मी अफसर और उनकी वर्दी मुझे शुरू से ही काफी प्रभावित करती है.उस वर्दी को पहनना है मेरा लक्ष्य है साथी मेरे पिता का भी सपना था कि मैं कुछ बड़ा करूं हालांकि वह इस दुनिया में नहीं है.
मेघा बताती है पिता के ना रहने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मेरी मां (संगीत देवी) स्कूल में काम करती है और उसी से हमारी सारी पढ़ाई की जरूरतों को पूरा किया है.घर की आर्थिक स्थिति और मेरे पिता का सपना यह दोनों ही मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा.
बाहरी मोटिवेशन नहीं बल्कि अपने भीतर मोटिवेशन तलाशे
मेघा बताती है अक्सर बच्चे यूट्यूब में कुछ मोटिवेशनल चीज देखकर आकर्षित हो जाते हैं या मोटिवेट हो जाते हैं पर यह सिर्फ कुछ देर के लिए होता हैं.वैसे मोटिवेशन के पीछे ना भाग अपने भीतर मोटिवेशन तलाशे. अपने खुद के मकसद को पहचाने.जब हम सेल्फ मोटिवेट होंगे तभी आगे बढ़ पाएंगे बाहरी चीजें बस छनिक होती है.
मेघा की मां संगीता देवी बताती है पढ़ाई के साथ-साथ उसके घर का काम भी किया है.सुबह में अपनी बहनों के लिए लंच पैक कर स्कूल जाया करती.फिर स्कूल से घर आकर खाना बनाने में मेरी मदद करती थी.इतना काम के बावजूद इतना अच्छा प्रतिशत लेकर आना हमारे लिए सच में बड़ी गर्व की बात है.
मेघा बोलीं- टीचरों ने दिया पूरा साथ
मेघा ने बताया कि उसके विद्यालय के अध्यापकों ने पूरा साथ दिया. किसी भी बुक की जरूरत होने पर वह अपने पास से दे देते थे. सभी तरह के डाउट भी क्लियर करवा देते थे.
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FIRST PUBLISHED : May 23, 2023, 21:45 IST








