
UPSC Topper Garima Lohia: यह कहानी एक मां, बेटी और पिता के सपनों की है. पति की मौत के बाद एक मां ने न सिर्फ घर संभाला बल्कि बेटी को भी मंजिल दिलाने में अहम भूमिका अदा की. आज बेटी को देशभर में पहचान मिली है. दरअसल यूपीएससी ने सिविल सर्विस परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इसमें बिहार के बक्सर की रहने वाली गरिमा लोहिया ने देशभर में दूसरी रैंक हासिल की है. वहीं, गरिमा की सफलता की खबर फैलते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है. देश में बक्सर का नाम रोशन करने वाली बेटी को जिले के लोग सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर बधाई दे रहे हैं. वहीं, घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
संघ लोक सेवा की कठिन परीक्षा में परचम लहराने वाली गरिमा लोहिया बक्सर शहर के बंगाला घाट के समीप स्थित चर्च के पास रहती हैं. वह स्व. मनोज लोहिया और सीता लोहिया की पुत्री हैं. वह तीन भाई बहनों में मंझली हैं. गरिमा ने बताया कि उनकी शिक्षा-दीक्षा बक्सर के वुड स्टॉक स्कूल से हुई है. इसके बाद सनबीम भगवानपुर से 12वीं की और फिर किरोड़ीमल कॉलेज दिल्ली से ग्रेजुएशन पूरी की. साथ ही बताया कि कोविड काल में वह बक्सर लौटीं और फिर 2021 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की. साथ ही बताया कि उनका लक्ष्य आईएएस बनना था. इसके लिए यूट्यूब और अन्य माध्यमों से तैयारी की. मुझे उम्मीद थी कि सफलता मिलेगी,लेकिन देशभर में दूसरी रैंक के बारे में कभी नहीं सोचा था.
2015 में हुई पिता की की मौत तो मां ने नहीं टूटने दिया सपना
गरिमा ने बताया कि साल 2015 में उनके पिता की मृत्यु हो गई थी. उनके पिता ने सपना देखा था कि वह बेटी को आईएएस अधिकारी बनाएंगे. पिता की मौत के बाद यह सपना टूट जाता, लेकिन मां ने ऐसा नहीं होने दिया. गरिमा के साथ वह भी पूरी रात जगी रहती थीं. इसके साथ मां ने उनके खाने पीने से लेकर हर जरूरत का ध्यान रखा. गरिमा ने बताया कि बिहार में ही सेवा देनी चाहती हूं. बिहार से उनका अपना जुड़ाव है.
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FIRST PUBLISHED : May 23, 2023, 17:46 IST








