पश्चिम की पार्टी होने का ठप्पा हटाएगा राष्ट्रीय लोक दल, अब नई रणनीति पर हो रहा काम, जानिए जयंत का प्लान

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हाइलाइट्स

राष्ट्रीय लोक दल ने पूरे उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार का प्लान बनाया है.
पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी पश्चिम के गढ़ को मजबूत करने पर कर रहे फोकस.

दिल्ली/लखनऊ. राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने सिर्फ पश्चिमी क्षेत्र की पार्टी होने का ठप्पा हटाने का मन बना लिया है. इसके लिए उसने पूरे प्रदेश में संगठन विस्तार का प्लान बनाया है. वहीं, निकाय चुनाव में खामियों से सबक लेते हुए लोकसभा चुनाव की रणनीति भी बनाने जा रही है. इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों के 24 मई को अवध क्षेत्र की लखनऊ में बैठक करने जा रही है.

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रमाशीष राय के मुताबिक, निकाय चुनाव में पार्टी के 102 सदस्य जीते हैं. इसके साथ ही 7 नगर पालिका-7 नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर भी कब्जा जमाया है. इसमें कई पूर्वांचल के भी सदस्यों ने जीत दर्ज की है, लिहाजा लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी अब नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी. इसके लिए संगठन का विस्तार भी किया जाएगा. अभी तक राज्य के करीब 40 जिलों में संगठन बना हुआ है. इसका विस्तार अब 75 जिलों में होगा जिसमें जिला स्तर से लेकर बूथ लेवल तक की कमेटी बनेगी.

पश्चिम का गढ़ मजबूत करने में जुटे जयंत
एक तरफ जहां राष्ट्रीय लोक दल पूरे प्रदेश में संगठन के विस्तार का प्लान बना रही है, वहीं पार्टी के मुखिया जयंत चौधरी अपने पश्चिम के गढ़ को मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं. इसके लिए 19 मई से 3 जून तक 5 जिलों के गांवों में जयंत चौधरी दौरा करेंगे. वहीं, पूरे अभियान के तहत पार्टी मुखिया जयंत चौधरी 25 से 27 लोकसभा सीटों के 1500 गांव में चौपाल करेंगे. यहां वे जन समुदाय को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही किसान, युवा विरोधी केंद्र की नीतियों को भी उजागर करेंगे.

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क्या है यूपी वेस्ट का सियासी गणित?
2019 में 17वीं लोकसभा के गठन के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में हुए थे. 23 मई को काउंटिंग हुई थी. साल 2024 में इन्हीं तिथियों के आसपास फिर से चुनाव होने की संभावना है. ऐसे में सियासी दलों ने रणनीति तैयार कर ली है. पश्चिम में छह मंडल मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ़, बरेली हैं, इनमें 27 लोकसभा और 136 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल में14 लोकसभा सीट हैं. यहां 7 पर बीजेपी जीती थी और 7 सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, संभल, रामपुर सीट पर विपक्ष जीता था.

वेस्ट यूपी में भाजपा कितनी मजबूत?
वैसे भाजपा के पास वर्तमान में आठ सीटें हैं और छह सीट विपक्ष के पास बची हैं. बीजेपी लोकसभा उपचुनाव में रामपुर सीट हाल में जीत चुकी है. इसके अलावा आगरा-अलीगढ़ और बरेली मंडल की कुल 13 लोकसभा सीटें हैं. इनमें से भाजपा के पास 12 और एक मैनपुरी सीट विपक्ष के पास है. बीजेपी के पास फिलहाल 27 में से 20 सीटें हैं.

रालोद की ताकत को भी जान लीजिए
वहीं, रालोद की बात करें तो 2022 विधानसभा चुनाव में 33 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 8 पर जीत हासिल की. इसके अलावा खतौली उपचुनाव जीत कर कुल 9 विधायक हो गए. 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा के साथ मिलकर पार्टी ने दांव खेला था. रालोद के खाते में जाटों के दबदबे वाली बागपत, मुजफ्फरनगर और मथुरा सीटें आईं, लेकिन तीनों पर गठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ा.

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Author: Up Head Line

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