
अभिषेक रंजन/मुजफ्फरपुर. भगवान शनि के उपासकों के लिए मुजफ्फरपुर के गुदरी रोड पर एक 121 साल पुराना शनि मंदिर है. वर्ष 1902 में बने इस मंदिर में शनिवार को हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. वैसे तो भगवान शनि के उपासक यहां रोजाना आते हैं, लेकिन शनिवार को इस मंदिर में विशेष भीड़ होती है.
मंदिर के मुख्य पुजारी मुरारी शर्मा बताते हैं कि यह मंदिर सुबह को खुलता है, फिर संध्या चार बजे से खुलता है और रात 11 बजे बंद होता है. वे कहते हैं कि किसी भी प्रकार का शनि दोष और शनि ग्रह से घिरे हुए लोगों के लिए यह मंदिर जीवनदायनी है.
शनि भगवान को प्रिय है यह वस्तु
पुजारी मुरारी शर्मा कहते हैं कि मंदिर में आने वाले भक्त भगवान को काला तिल और तेल चढ़ाते हैं. साथ ही काला चप्पल, लोहे का कील, लोहा का बर्तन और काला छाता भी कई लोग चढ़ाते हैं. शनि भगवान को यह सब चीज चढ़ाने से दुख और कष्ट का निदान होता है और मनोकामना पूरी होती है.
पंडित मुरारी शर्मा बताते हैं कि इस मंदिर की स्थापना उनके परदादा चुन्नी लाल शर्मा ने की थी. उस वक्त यह मंदिर बहुत छोटा हुआ करता था, फिर पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर का विकास होता रहा. शालिग्राम पत्थर से बनी मूर्ति को देखने से लगता है स्वयं भगवान शनि इस मंदिर में विराजमान है.
दस-पंद्रह साल से हर शनिवार आते हैं कई भक्त
मुजफ्फरपुर के शनि मंदिर में ऐसे तो शनिवार को हजारों की संख्या में लोग आते हैं, लेकिन कई भक्त ऐसे भी हैं जो 10-15 वर्षों से लगातार हर शनिवार को इस मंदिर में आते हैं. शंकर प्रसाद बबलू भी एक ऐसे ही भक्त हैं, जो बताते हैं कि उनपर शनि की साढ़े साती थी. इस मंदिर में पूजा-पाठ करने से उन्हें विशेष लाभ मिला. जीवन में, व्यापार में सुख समृद्धि आई. मंदिर के अन्य भक्त प्रिय नाथ कुमार कहते हैं कि वे दस साल से शनि मंदिर आ रहे हैं. पहले जीवन में कई प्रकार की बाधा थी, जो इस शनि मंदिर में निरंतर आने से दूर हो गई है.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 21:01 IST








