Ganga Dussehra 2023 : गंगा दशहरा पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में करें यह काम, कई यज्ञों के बराबर फल की होगी प्राप्ति

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गुलशन सिंह/बक्सर. इस बार गंगा दशहरा पर्व 30 मई यानि मंगलवार को मनाया जाएगा. यह पर्व भारत में प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाई जाती है. सनातन धर्म में इस पर्व को मनाने के पीछे मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी.

गंगा दशहरा पर्व के दिन मां गंगा की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु आरती करते हैं. इस संदर्भ में विशेष जानकारी देते हुए बक्सर के कम्हरिया घाट स्थित गंगाधाम जीयर मठ के मठाधीश श्री श्री 1008 श्री गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने बताया कि गंगा दशहरा का दिन काफी शुभ माना जाता है.

उन्होंने बताया कि युगों-युगों से धरती पर बहने वाली पतित पावनी मां गंगा शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को धरा धाम पर अवतरित हुई थी. इसलिए इसे गंगा जयंती के नाम से भी जाना जाता है. तभी से इस पर्व को गंगा दशहरा पर्व के रूप में मनाया जाने लगा.

पाप से मुक्ति मिलने के साथ मोक्ष की भी होती है प्राप्ति
श्री गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने बताया कि वैसे तो हिंदू धर्म में सभी प्रकार के शुभ कार्य गंगा जल से ही होते हैं, लेकिन इस दिन गंगा स्नान करने से हर पाप से मुक्ति मिलने के साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है. हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 29 मई 2023 सुबह 11:49 पर शुरू होगी और इस तिथि का समापन 30 मई दोपहर 01:07 पर होगा.

ऐसे में गंगा दशहरा पर्व 30 मई दिन मंगलवार को मनाया जाएगा. वहीं इस दिन अत्यंत शुभ संयोग हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. गंगा दशहरा के दिन स्नान दान का काफी महत्व है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से न केवल जाने-अनजाने में किये गए पाप कटते हैं, बल्कि कई महायज्ञों के बराबर फलों की प्राप्ति भी होती है.

गंगा दशहरा पर्व पर दान का है विशेष महत्व
श्री गंगापुत्र त्रिदंडी स्वामी जी महाराज ने बताया कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान करें और मां गंगा को सच्चे मन से पूजन करें और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की गुहार लगाएं. गंगा स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्य को अर्घ्य दें.

इसके साथ ही गंगा मां को फूल, सिंदूर,अक्षत, सिक्का आदि अर्पित करने के साथ दीपदान करें. उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा पर्व पर दान का भी विशेष महत्व होता है. इस दिन गंगा स्नान के बाद सत्तू, घड़ा, पंखा, द्रव्य आदि का दान करना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है.

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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 20:40 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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