
परमजीत कुमार/देवघर. सनातन धर्म में रोहिणी नक्षत्र का अपना अलग महत्व है. सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो तापमान बढ़ने लगता है. गर्मी अपने चरम सीमा पर पहुंच जाती है. ज्योतिष के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र पड़ते ही आम पकने की शुरुआत होने लगती है. वहीं, रोहिणी नक्षत्र सत्य में वृद्धि और सर्वोच्च विकास का प्रतीक माना जाता है.
बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषी पंडित नंद किशोर मुदगल बताते हैं कि इस बार रोहिणी नक्षत्र गुरु पुष्य योग में प्रवेश कर रहा है. रोहिणी नक्षत्र 25 मई को रात में प्रवेश करेगा. यह नक्षत्र 14 दिन तक रहने वाला है. 8 जून को इसका समापन होगा. गुरु पुष्य योग में सूर्प्रय का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करना शुभ माना जाता है. लिहाजा इस बार खूब बारिश होगी. किसान अच्छी पैदावार कर पाएंगे.
जमकर होगी बारिश!
पंडित नन्द किशोर मुदगल ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ होते ही किसान खेती की शुरुआत कर देते हैं. इस बार गुरु पुष्य योग में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर रहा है. लिहाजा किसानों के लिए अच्छा रहेगा. इस साल अच्छी बारिश होने की भी संभावना है. जिससे किसान अच्छी तरह से जुताई, बुआई कर पाएंगे.
धान बोना हो जाता है शुरू
खेती करने वाले किसान को रोहिणी नक्षत्र का इंतजार रहता है. रोहिणी नक्षत्र पड़ते ही किसान धान बोने की तैयारी में जुट जाते हैं. साथ ही खेती का नया सीजन भी प्रारम्भ हो जाता है. किसान अपने-अपने खेतों में धान की नर्सरी तैयार करने मे जुट जाते हैं. वहीं रोहिणी नक्षत्र में धान के बीज डालने के साथ रोपनी भी समयानुसार होती है.
महत्वपूर्ण बातें
शुरुआत: सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश 25 मई, दिन बृहस्पतिवार को रात 01 बजकर 16 मिनट पर होगा.
समाप्ति: 08 जून, दिन बृहस्पतिवार को सुबह 06 बजकर 40 मिनट पर.
दान की है परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र मे ठंडक देने वाली चीजों का दान करना बहुत ही खास माना गया है. इस चीजों में पानी, सत्तू, पंखा, मटका आदि चीजें प्रमुख हैं. इसके अलावा छाता, पंखा और जूते-चप्पल का दान भी इस दौरान कर सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 21, 2023, 22:02 IST








