
पुनीत माथुर/जोधपुर. एक शिष्य अपने गुरु को दिए वचन के बाद तपस्या कर रहा है. तपस्या इतनी कठिन है कि 41 डिग्री तापमान के बीच कड़ी धूप में शिष्य बैठा है और उसके चारों तरफ 21 अग्निकुंड है.कौन है यह शिष्य और क्यों कर रहा है इतनी कठिन तपस्या और क्या वचन दिया था इस शिष्य ने अपने गुरु को इस तरह के सवाल आपके मन मस्तिष्क में जरूर चल रहे होंगे. लेकिन आपके सवालों का जवाब हम दिए देते हैं.
दरअसल यह योगी जीतू नाथ महाराज हैं, जिनकी 11 दिवसीय तपस्या चल रही है. योगी 21 अग्निकुंड के बीच तेज धूप में बैठे है.योगी 11 दिन तक भोजन ग्रहण नहीं करेंगे, केवल पानी और जूस पर निर्भर रहेंगे. पहले दिन योगी जीतू नाथ ने ढाई घंटे तपस्या की और अब हर रोज आधा घंटा तपस्या का वक्त बढ़ाएंगे.
गुरु के नाम का जाप और ध्यान
योगी जीतू नाथ का कहना है कि वे यह तपस्या सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की भावना से अपने गुरु स्थित योगी चिड़िया नाथ जी आश्रम पालासनी में ब्रह्मलीन हुए मठाधीश योगी कैलाश नाथ की सीख और उन्हें दिए वचन के अनुरूप कर रहे है. जीतू महाराज वनानाथ बगीची के वर्तमान में मठाधीश है. उनका कहना है कि उनके गुरु कैलाश नाथ ने कई वर्षों तक गोरम घाट की पहाड़ियों में कड़ी तपस्या की थी. ब्रह्मलीन गुरु ने कहा था कि सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय के लिए तपस्या करना और इसी बात को उन्होंने अपनी गुरु की आज्ञा मानते हुए यह तपस्या शुरू की है. अब गुरु के नाम का जाप और ध्यान लगाया जा रहा है.
जारी है तपस्या
बहरहाल योगी जीतू नाथ की यह तपस्या जारी है. सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की मंगल कामना के साथ गुरु की आज्ञा की पालना की जा रही है और गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 16:08 IST








