
गुलशन सिंह/बक्सर. पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. दिन में जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ रही हैं. सड़कों पर पैदल चलने वालों की संख्या कम होlती जा रही हैं. दोपहर तक तो सड़के सूनी हो जाती है. गर्मी के चलते लोग अपने घरों में रहने को विवश हैं. नौकरी पेशे वाले कामकाजी लोग इस प्रचंड गर्मी में भी अपने गंतव्य तक जा रहे हैं. वही भीषण गर्मी के कारण बड़ी संख्या में लोग भी बीमार पड़ रहे हैं. लिहाजा अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई है. इधर, शरीर झुलसा देने वाली चिलचिलाती धूप के कारण राहगीरों को प्यास लग रही है. जिसके चलते तरबूज, गन्ने का जूस, बेल का शर्बत, सत्तू व निम्बू पानी की बिक्री भी खूब हो रही है. वहीं उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एयरकंडीशनर और कूलर के पास रहना पसंद कर रहे हैं.
गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन है जरूरी
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आरके गुप्ता ने गर्मी से बचाव के लिए लोगों को सलाह देते हुए बताया कि गर्मी में सबसे ज्यादा जरूरी शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना. पसीना आने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का ह्रास होता है. इसके लिए बाजार में कई तरह के इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन मिलते हैं. लोग इसे ले सकते हैं. उन्होंने बताया कि गर्मी में पानी की सेवन अधिक करनी चाहिए. इससे बीमार पड़ने की संभावनाएं कम हो जाती है.
भीषण गर्मी में बेवजह घरों से निकलना उचित नहीं
बलकेशरा हॉस्पिटल के निदेशक सह फिजिशियन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि इन दिनों दोपहर में पारा 40 डिग्री से अधिक हो जा रहा है. वहीं गर्म हवा चलने से उमस भरी गर्मी पड़ रही है. जिसमें बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है. उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बेवजह घर से बाहर नहीं निकलें, यदि जरूरी काम हो तभी घर से बाहर जाएं. खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से परहेज करें. उन्होंने बताया कि यदि अपने काम से कही जा रहे हैं तो सर को कपड़े से ढक लें. गर्मी से बचने के लिए हल्के रंग के कपड़े पहनकर निकलें. उन्होंने बताया कि सूती कपड़े पहनना चाहिए और साथ में पानी अवश्य रखें, उन्होंने बताया कि इसके अलावा मौसमी फलों जैसे कि तरबूज,खीरा व ककड़ी इत्यादि का सेवन करना चाहिए.
लू लगने पर तुरंत चिकित्सकों से लें परामर्श
मेडिकल स्टोर से ओआरएस खरीद कर अपने पास रख सकते हैं. इससे आपको न सिर्फ लू से बचा जा सकता है बल्कि डिहाइड्रेशन भी नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इस समय नींबू पानी, नारियल-पानी और वैसे फल खाना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा होती है. इसके साथ ही मौसमी सब्जियों का सेवन शरीर को ठीक रखने के लिए जरूरी है. डॉ आलोक कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में गर्म चाय, शराब एवं नॉनवेज के सेवन से लोगों को बचना चाहिए. वहीं गर्मी के मौसम में सिर में दर्द, बहुत ज़्यादा पसीना आना, चक्कर आना, मांस पेशियों में खिंचाव, दस्त जैसा महसूस होना इसके लू लगने के अहम लक्षण हैं. डॉ. आलोक ने बताया कि अगर किसी को ऐसा महसूस हो तो तुरंत पेड़ की छांव या ठंडे स्थान में जाएं. वहीं इन लक्षणों के बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच कर चिकित्सकों के सलाह पर उचित दवा लें.








