
सच्चिदानन्द/पटना. पटना का प्रसिद्ध महावीर मन्दिर एक ऐसा मंदिर है, जो लाखों लोगों की मदद करता है. अलग-अलग अस्पतालों के जरिए लोगों का इलाज का जिम्मा भी उठाती है. महावीर मंदिर का नैवेद्यम आज तिरुपति मन्दिर के बाद सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रसाद है. इसके साथ ही दूसरे माध्यमों से भी महावीर मंदिर की कमाई होती है. दरअसल, आज महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंदिर की आय और संपति के बारे में जानकारी दी. आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि महावीर मंदिर की रोजाना कमाई 10 लाख रुपये है. मंदिर के पास सवा सौ एकड़ जमीन है. इसके साथ ही पटना के बाहर भी पांच शहरों में मन्दिर की स्थापना की जा रही है.
महावीर स्थान न्यास समिति के पास महावीर मन्दिर का प्रबन्धन मिलने के पूर्व उसकी अधिकतम आय पूरे साल में ग्यारह हजार दिखाई जाती थी. लेकिन अब इस मन्दिर का आय प्रतिदिन 10 लाख रुपये है. इस आय में मन्दिर के भेंटपात्रों से निकली चढ़ाव की राशि, कर्मकाण्ड शुल्क, नैवेद्यम् से बचत राशि, अपनी इच्छा से दिए चंदा से प्राप्त राशि, विक्रय केन्द्रों की बचत राशि और बैंक ब्याज है. आपको बता दें कि इसमें अस्पतालों और अन्य संस्थाओं की आय-व्यय की राशि शामिल नहीं है.
मंदिर के पास सवा सौ एकड़ से अधिक जमीन
जब वर्तमान न्यास समिति ने कार्य प्रारम्भ किया था, तब मन्दिर के नाम से मन्दिर के अलावा कोई जमीन नहीं थी. इस मन्दिर परिसर के विस्तार के साथ आज इस मन्दिर के पास सवा सौ एकड़ से अधिक का भूखण्ड यानी कि जमीन है. केसरिया के पास विराट रामायण मन्दिर के लिए महावीर मंदिर ने सात लाख रुपये प्रति एकड़ से बारह लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से सौ एकड़ जमीन खरीदी है, जबकि सरकारी रेट अस्सी लाख रुपये प्रति एकड़ और राम जानकी पथ में पड़ने वाले भूखण्ड का मुआवजा चौगुने दाम पर मिलने वाला है.
पटना के बाहर भी पांच शहरों में मन्दिर की स्थापना
वर्तमान न्यास समिति ने महावीर मन्दिर पटना के विकास के अलावा हाजीपुर के प्रसिद्ध पौराणिक गजेन्द्र मोक्ष स्थल कोनहरा घाट पर एक भव्य विशालनाथ मन्दिर, इस्माइलपुर में राम जानकी मन्दिर का निर्माण किया है. महावीर मन्दिर के प्रति अतिशय श्रद्धा भाव के कारण मुजफ्फरपुर के स्व दिलीप साहु ने वहां का विशाल रामजानकी मन्दिर, मनमोहन मन्दिर और हनुमान मन्दिर को महावीर मन्दिर के नाम कर दिया है. इसी तरह गया के शैलेश कुमार सिन्हा ने गया कचहरी के पास स्थित माधवानन्द मन्दिर को भी महावीर मन्दिर को सौंप दिया है, जबकि कोइलवर के पास सकड़डीह के रंजीजी सिंह ने एक हनुमान मंदिर सौंपा है, जिसके पास मेन सिक्स लेन मार्ग पर एक बीघा जमीन है और वहां भव्य शिव मंदिर बन रहा है.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 10:50 IST









