
मुकेश राजपूत/बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में किसानों की कच्चे आम की फसल को चेपा नामक कीट लगने से भारी नुकसान हो रहा है. चेपा कीट आम के बागों में लग रहे पेड़ों पर कच्चे आमों को इस कदर नुकसान पहुंचा रहा है कि पहले तो आम नीचे से काला पड़ता है और आम के अंदर उसमें कीड़े पड़ जाते हैं. बाद में वह फटकर आम के पेड़ से नीचे जमीन पर गिर जाता है. इस बीमारी की वजह से आम उद्योग को बहुत नुकसान हो रहा है.
आम के बाग में मौजूद किसान फारूक ने बताया कि आम की फसल को चेपा नामक रोग भारी नुकसान पहुंचा रहा है. पेड़ों पर लगे कच्चे आम को पहले तो नीचे से काला करता है और फिर आम के अंदर कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं. बाद में फिर आम फटकर जमीन पर गिर जाता है. जिससे कि किसानों को अब की बार आम की फसल में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.
आम के पेड़ों में लगे रोग
किसान ने बताया कि उन्होंने अपने बारे में कई बार रोग खत्म करने के लिए कीटनाशक दवाइयों का उपयोग कर छिड़काव कराया है. परंतु बाग में कीटनाशकों का छिड़काव कराने के बावजूद भी रोगों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. जिससे किसानों की आम के बाग में लागत ज्यादा आ रही है तथा अबकी बार किसानों को आम की फसल में मुनाफे के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
ऐसे बचाएं आम के पेड़ को
आम के बागों में फैल रहे रोगों के उपाय के बारे में बुलंदशहर कृषि विज्ञान केंद्र की फसल सुरक्षा विशेषज्ञ रिशु सिंह ने बताया कि यदि आम काले पड़ कर फट रहें हैं तो साफ तौर पर मान लीजिए कि आम में पोषक तत्वों कमी है. छोटे-छोटे आम काला पड़कर जो फट रहे हैं वो आम बोरोन (पोषक तत्व) की कमी होने के कारण फट रहे हैं.
फसल सुरक्षा विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को अपने बागों में इन रोगों से निजात पाना है तो 4 ग्राम बोरोन (बोरेक्स) को एक लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव कर सकते हैं. इससे कच्चे आम का आकार भी बड़ा होगा और उन पर चमक भी आएगी.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 21:02 IST








