
योगेश यादव
सारंगढ़-बिलाईगढ़. छत्तीसगढ़ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मरीज को इलाज के लिए चर्च जाने डॉक्टर ने कहा. इलाज का यह रास्ता किसी प्राइवेट डॉक्टर ने नहीं बल्कि शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ही एक डॉक्टर ने लिख दिया. भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं को जब यह बात पता चली तो उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर की खिंचाई कर दी. पूरा मामला भटगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है.
डॉ. संतोष टंडन आरएमए यानी रूरल मेडिकल असिस्टेंट हैं. गांव की 80 साल की एक महिला जब स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने पहुंची तो डॉक्टर ने दवा के पर्चे पर रविवार को भटगांव चर्च जाने के लिए भी लिख दिया. वृद्ध महिला ने जब यह बात मोहल्ले के लड़कों को बताई तो उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष धीरज सिंह ठाकुर को जानकारी दी. इसके बाद धीरज सिंह और युवा मोर्चा के अन्य सदस्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए.
बाहर से इंजेक्शन खरीदने के लिए नहीं थे पैसे
स्वास्थ केंद्र पहुंचे धीरज सिंह ने जब डॉक्टर से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला को बाहर से इंजेक्शन और ग्लूकोज बोतल लेकर आने को कहा गया था. इस पर महिला ने पैसे नहीं होने के कारण बाहर से इंजेक्शन और बोतल नहीं खरीदने में असमर्थता जताई थी. उन्होंने बताया कि महिला द्वारा इलाज नहीं होने का कहने पर मैंने बताया था कि चर्च में भी इलाज किया जाता है, इसलिए रविवार को चर्च चले जाना. हालांकि उन्होंने कहा कि गलती से चर्च जाने का लिख दिया.
धर्मांतरण के लिए चर्च भेजने का आरोप
युवा मोर्चा पदाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर से की गई पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया. इसमें डॉक्टर ने स्वीकार किया है कि मैंने दवा के पर्चे पर चर्च जाने का लिखा था. युमो पदाधिकारी ने दावा किया है कि धर्मांतरण के लिए ऐसा किया जा रहा है. जबकि डॉक्टर ने कहा कि वह खुद हिंदू है और किसी धर्मांतरण जैसी कोई बात नहीं है. इस मामले में सीएमएचओ ने संतोष टंडन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 15:29 IST








