
गौरव सिंह/भोजपुर. दो दरोगा को उनकी मनमानी भारी पड़ गई. अब उनको जिलाधिकारी ने सजा सुनाई है. दरअसल, जिला लोक शिकायत निवारण की सुनवाई के दौरान पुलिस पदाधिकारियों का उपस्थित नहीं होना महंगा पर गया. इस मामले में जिला अधिकारी ने 2 थानों के प्रभारियों पर आर्थिक दंड लगाया है. डीएम के द्वारा आदेश दिया गया है कि नगर और बिहियां थाना के प्रभारियों के वेतन से एक-एक हजार रुपया काटा जाए.
सुनवाई के दौरान नही हुए उपस्थित
विगत दिनों कोईलवर थाना के कायम नगर निवासी नजबुन बेगम ने डीएम के अदालत में कहा कि नगर थाना कांड संख्या 664/17 में विपक्षी को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है. इस मामले की सुनवाई के दौरान 24 मार्च और 12 मई को नगर इंस्पेक्टर नहीं पहुंचे. इस दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार की कोई सूचना भी नहीं दी.
इसे गंभीरता से लेते हुए सुनवाई के क्रम में डीएम ने एक हजार का आर्थिक दंड लगाते हुए कोषागार पदाधिकारी को मई माह की वेतन से कटौती का निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही चेतावनी दी गई है,कि अगली तारीख पर नहीं आने पर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.
बिहिया थाना प्रभारी पर भी एक्शन
वहीं थाना क्षेत्र के चक्रहर निवासी सुरेश प्रसाद के द्वारा बिहिया थाने में एफआईआर दर्ज नहीं करने का शिकायत की गई थी. इस मामले की सुनवाई के दौरान थानेदार बगैर सूचना के गायब रहे इस पर डीएम ने एक हजार का जुर्माना लगाया है.
इस मामले में भी कोषागार पदाधिकारी को थानेदार के मई माह के वेतन से कटौती करने का निर्देश दिया गया है. डीएम की कार्रवाई के बाद सुनवाई पर नहीं पहुंचने वाले लापरवाह पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया है.
डीएम ने कहा जनता को परेशान नहीं देख सकते
इस दौरान भोजपुर डीएम राजकुमार ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी हो या किसी भी विभाग के अधिकारी हो सभी जनता की सेवा और परेशानियों को दूर करने के लिए बैठे हैं. लेकिन लोक शिकायत निवारण में पुलिस पदाधिकारियों का नहीं पहुंचना उनके लापरवाही को दर्शाता है. जिसके कारण मेरे द्वारा नगर थाना इंस्पेक्टर और बिहिया थाना प्रभारी पर आर्थिक दंड लगाया है. आगे भी और कोई गलती करेगा तो उस पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 20:12 IST








