
हाइलाइट्स
कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव के लिए गारंटी की एक सीरीज शुरू की है.
यह वादा भी किया है कि गैस सिलेंडर की कीमत को 500 रुपये कर दिया जाएगा.
यह भी वादा किया है कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू किया जाएगा.
भोपाल: कांग्रेस की 5 गारंटी ने कर्नाटक में अपना जादू चला दिया और उसे संजीवनी मिल गई है. अब कांग्रेस इसी मुफ्त वाले फॉर्मूले को अन्य राज्यों में होने वाले चुनाव में भी आजमाने की योजना बना रही है. इसी के चलते पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव के लिए गारंटी की एक सीरीज शुरू की है. राज्य में चुनाव का मौहाल बनाने के लिए तूफानी दौरा कर रहे कमलनाथ ने न्यूज18 से बातचीत में कहा कि, पिछले 18 सालों में मुख्यमंत्री शिवराज ने कुछ नहीं किया, किसी को भी शिवराज पर भरोसा नहीं है. बस यही सच है.
वादा नंबर -1
नाथ ने घोषणा करते हुए नारा दिया है, ’100 यूनिट तक माफ, 200 तक हाफ, शिवराज सरकार साफ.’ नाथ ने राज्य में वादा किया है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो 100 यूनिट तक माफ की जाएगी और 200 यूनिट तक पर बिजली का बिल आधा आएगा.
वादा नंबर-2
नाथ ने दूसरी गारंटी में राज्य की महिलाओं को वादा किया है कि ,राज्य की महिलाओं को बगैर किसी शर्त के 1500 रुपये महीना दिया जाएगा. कर्नाटक में भी कांग्रेस ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और प्रत्येक घर की प्रमुख महिला को 2000 रुपये मासिक देने का वादा किया था. ऐसा लगता है इस वादे ने महिला मतदाताओं को कांग्रेस की तरफ झुकाव में महती भूमिका निभाई है.
वादा नंबर -3
नाथ ने इससे एक कदम आगे जाते हुए यह वादा भी किया है कि राज्य में गैस सिलेंडर की कीमत को 500 रुपये पर सीमित कर दिया जाएगा और बाकी बची रकम का भुगतान सरकार करेगी. यानी प्रत्येक ग्राहक को एक सिलेंडर पर 600 रुपये की बचत होगी.
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वादे ही वादे
अन्य गारंटियों के बीच, नाथ ने यह भी वादा किया है कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू किया जाएगा. यह वही योजना है जिसने हिमाचल प्रदेश में पार्टी को शानदार जीत दिलाई है. इसके अलावा उन्होंने कृषि ऋण माफी योजना को भी फिर से चालू करने का वादा किया है. जिसके बारे में दावा किया जाता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के विद्रोह के बाद उनकी सरकार के गिर जाने की वजह से इस योजना को अधूरा छोड़ दिया गया था.
वादों पर भाजपा आक्रामक
भाजपा इस तरह के वादों को अव्यावहारिक बता रही है. उसका कहना है कि इससे सरकारी खजाने पर सालाना 50,000 करोड़ का बोझ पड़ेगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोगों का ध्यान इस बात पर आकर्षित करने में लगे हुए हैं कि किस तरह कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कमलनाथ बेरोजगारी भत्ता देने के वादे से मुकर गए थे. इसके साथ ही मुख्यमंत्री अपनी नई योजना ‘सीएम सिखाओ कमाओ योजना’ को तमाम योजनाओं से बेहतर बताते हुए इसे युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें सक्षम बनाने की बात कर रहे हैं, इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उस दौरान उन्हें 8000 से 10000 रुपये तक वजीफा भी दिया जाएगा.
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Tags: Assembly Elections 2023, Kamal nath, Madhya pradesh news
FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 12:33 IST








