
रेलवे हम भारतीयों की जीवन रेखा है. हर रोज करोड़ों की संख्या में लोग रेलगाड़ी की सवारी करते हैं. यह पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण ही नहीं बल्कि देश के हर अहम शहर को दूसरे अहम शहर से जोड़ती है. भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. आप इसी से अनुमान लगा सके हैं कि इसके पास 1,02,831 किमी लंबी पटरियां हैं, जिस पर रोज हजारों की संख्या में सवारी और माल गाड़ियां दौड़ती हैं. इसके कई मार्गों पर सेमी हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेनें चलती हैं. आज की तारीख में देश के 17 मार्गों पर वंदेभारत ट्रेनें चलती हैं.
ऐसे में भारतीय रेलवे देश और दुनिया के लोगों के लिए जिज्ञासा का भी विषय है. इससे जुड़ी तमाम रोचक तथ्य हैं. इसी से जुड़ा एक तथ्य हम आपको बताते हैं. आपने तमाम रेलवे जंक्शनों के बारे में देखा या सुना होगा. इन जंक्शनों पर तीन, चार, पांच यहां तक कि छह लाइनें आकर मिलती हैं. लेकिन, आज हम जिस जंक्शन के बारे में बता रहे हैं उसे रेल मार्गों का संगम कहा जाता है. यहां तीन-चार नहीं बल्कि सात-सात दिशाओं से ट्रेनें आती हैं. ऐसे में आप इसके रणनीतिक महत्व को समझ गए होंगे. इस जंक्शन पर जरा सी भी चूक हो जाए तो देश के सभी महानगरों की रफ्तार धीमी पड़ा जाएगी. आप चेन्नई के बजाय मुंबई पहुंच जाएंगे. हालांकि यह कोई महानगरीय जंक्शन नहीं है फिर भी यहां से देश के हर प्रमुख शहर के लिए ट्रेनें हैं. चाहे वह शहर दक्षिण भारत का हो या फिर उत्तर भारत. या फिर पूरब या पश्चिम की ओर जाने का मामला हो. यह जंक्शन भारतीय रेल नेटवर्क का केंद्र बिंदू है.
भगवान कृष्ण की नगरी
हम जिस जंक्शन की बात कर रहे हैं उसका नाम है मथुरा. भगवान कृष्ण की यह नगरी देश के भूगोल में रणनीतिक रूप बेहद अहम है. यहां से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता सभी महानगरों के लिए ट्रेनें गुजरती हैं. वैसे तो मुथरा मुख्य रूप से दिल्ली-चेन्नई मार्ग पर स्थित है. लेकिन यहां से कोटा के रास्ते मुंबई के लिए अहम मार्ग शुरू होती है. यहां से निकलने वाली सातों मार्गे इस प्रकार हैं. 1. मथुरा-नई दिल्ली लाइन, 2. मथुरा-कासगंज लाइन, 3. मथुरा-वृंदावन लाइन, 4. मथुरा-अछनेरा लाइन, 5. मथुरा-अलवर लाइन, 6. मथुरा-भरतपुर लाइन और 7. मथुरा-राजा की मंडी-आगरा कैंट लाइन.
इस जंक्शन पर 10 प्लैटफॉर्म है. लंबी दूरी की ट्रेनों की बात करें तो यहां से दिल्ली के अलावा मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरू, भोपाल की ट्रेनें हैं तो दूसरी रूट पर मुंबई के लिए ट्रेनें दौड़ती हैं. फिर यहां कोलकता की दिशा में जाने वाली भी ट्रेनें हैं. यह देश का एकमात्र जंक्शन है जहां से सात दिशाओं में रेल लाइन गुजरती है. इसके बाद भठिंडा, न्यू कूच बेहार, रेवाड़ी और सलेम ऐसे जंक्शन हैं जहां से छह दिशाओं में ट्रेनें चलती हैं.
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Tags: Indian railway, Irctc, Mathura news
FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 17:38 IST








