
हाइलाइट्स
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर कुल 16,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
बेंगलुरु-चेन्नई हाईवे पर कारें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चल सकेंगी.
धीमे चलने वाले साधन जैसे बाइक और ऑटोरिक्शा आदि की एंट्री बैन रहेगी.
नई दिल्ली. बेंगलुरु और चेन्नई के बीच बन रहा फोर लेन एक्सप्रेसवे (Bangalore-Chennai Expressway) 3 राज्यों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. एक्सप्रेसवे के बनने से 3 राज्यों, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के कई शहरों में आने-जाने में बहुत समय बचेगा. सबसे ज्यादा फायदा बेंगलुरु और चेन्नई को होगा. अभी इन दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में भी 6 घंटे लगते हैं. बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस-वे के चालू हो जाने के बाद इस फासले को साढ़े तीन घंटे (Bangalore-Chennai Expressway Travel Time) ही लगेंगे. इस प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मई 2022 में रखी थी. इसके साल 2023 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे पर कुल 16,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश से गुजरने वाला यह 4 लेन एक्ससे कंट्रोल हाईवे, देश में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बनाए जा रहे 26 नए ग्रीन एक्सप्रेसवे में से एक है. बेंगलुरु-चेन्नई हाईवे पर कारें 120 किलोमीटर प्रति घंटे (Bangalore-Chennai Expressway Speed limit) की रफ्तार से चलेंगी. वहीं इस पर धीमे चलने वाले साधन जैसे बाइक और ऑटोरिक्शा आदि की एंट्री बैन रहेगी.
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे रूट (Bangalore-Chennai Expressway route)
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे कर्नाटक के होसकोटे से शुरू होकर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर तक जाएगा. कुल 262 किलोमीटर में से इस एक्सप्रेसवे का 85 किलोमीटर हिस्सा तमिलनाडु में, 71 किलोमीटर आंध्र प्रदेश में और 106 किलोमीटर कर्नाटक में पड़ता है. यह एक्सप्रेसवे होसकोटे, मलूर, बंगारापेट, कोलार गोल्ड फील्ड्स, वेंकटगिरीकोटा, पलमनेर, बंगरुपलेम, चित्तूर, रानीपेट और श्रीपेरुमबुदुर से होकर जाएगा.
साढ़े तीन घंटे में चेन्नई से बेंगलुरु
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के बन जाने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी 300 किलोमीटर से घटाकर 262 किलोमीटर रह जाएगी. यही नहीं फोर लेन एक्ससे एक्सप्रेसवे होने की वजह से इस पर अन्य रोड्स की तुलना में स्पीड लिमिट भी ज्यादा होगी. इस पर कार को अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया जा सकेगा. धीमे चलने वाले वाहन इस पर नहीं चलेंगे. इस वजह से बेंगलुरु से चेन्नई पहुंचने में 6 घंटे की बजाय साढ़े तीन घंटे ही लगेंगे.
अगले साल खुलने की उम्मीद
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के अगले साल के अंत तक यातायात के लिए खुलने की उम्मीद है. एनएचएआई इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तीन खंडों में कर रहा है. इस हाईस्पीड कॉरिडोर के बन जाने से न केवल बेंगलुरु और चेन्नई बल्कि इसके रूट पर पड़ने वाले छोटे शहरों को भी खूब फायदा होगा. यह कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के इंडस्ट्रियल शहरों को चेन्नई पोर्ट से जोड़ देगा.
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FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 16:23 IST








