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ETimes TV के साथ एक विशेष बातचीत में सुधा चंद्रन ने दुर्घटना के बाद जीने की इच्छा नहीं होने की बात को स्वीकारा. डांस के प्रति जुनूनी एक्ट्रेस ने कहा, ‘जब मैंने एक पैर खो दिया तो मेरे पास वास्तव में कोई विकल्प नहीं था, मेरे लिए केवल दो रास्ते थे. या तो मैं चलना शुरू कर दूं या मैं अपना जीवन नष्ट कर दूं. दरअसल, मैं हादसे के बाद जीना नहीं चाहती थी. लेकिन यह मेरे माता-पिता की वजह से था कि मैंने बाउंस बैक किया. किसी तरह हम अपने जीवन में अपने माता-पिता की भूमिका को भूल जाते हैं. शायद, मेरे माता-पिता ही एकमात्र कारण थे जिनकी वजह से मैंने जीवन में चलते रहने का फैसला किया. वरना मेरे पास और कोई कारण नहीं था.’
Author: Up Head Line
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