MP की इस जेल में बना ‘स्पेशल रूम’, वकीलों को आराम और बंदियों को भी राहत

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अनुज गौतम/सागर: एमपी की केंद्रीय जेल सागर पहली ऐसी जेल बन गई है, जहां पर बंदी और वकील की मुलाकात के लिए स्पेशल रूम तैयार किया गया है. सागर डिस्ट्रिक्ट जज अरुण सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नी दुबे और जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे की पहल पर यह विशेष कक्ष बनाया गया है.

बता दें कि प्रदेश की सभी जेलों में अभी इस तरह की व्यवस्था है कि कोई भी वकील अपने पक्षकार बंदी या आरोपी से मुलाकात करने जेल जाता है, तो वह खिड़की से ही मुलाकात या बातचीत कर सकता है. लेकिन सागर केंद्रीय जेल में जेल के अंदर एक कमरा अधिवक्ताओं को सौंपा गया है. इसमें बैठने के लिए टेबल कुर्सियों की व्यवस्था की गई है. वहीं पंखा, लाइट, पानी की सुविधा भी है.

वकील जेल के इस कमरे में तय समय के अनुसार प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बंदी के साथ आराम से बैठकर केस संबंधी बात कर सकते हैं. वहीं बंदी भी पूरी निजता के साथ अपनी बात को वकील के सामने रख सकता है.

इसलिए बना यह विशेष कक्ष
बता दें कि पिछले दिनों डिस्ट्रिक्ट जज अरुण सिंह और जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अन्नी दुबे जेल के अंदर चल रही भागवत कथा सुनने के लिए पहुंचे थे, जहां पर यह मुद्दा उठा था. बंदियों की शिकायत थी कि वह अपनी बात सही ढंग से वकील को नहीं बता पा रहे हैं. इसकी वजह से सजाएं हो रही हैं. इसी मुद्दे को लेकर जिम्मेदार लोगों ने बैठकर चर्चा की और रास्ता निकाला. इसके बाद जेल मैनुअल के तहत यह स्पेशल कक्ष बनाया गया है.

चर्चा के बाद उठा मुद्दा
जेल अधीक्षक दिनेश कुमार नरगावे ने बताया कि जेल के अंदर जो कैदी रहते हैं, कई बार उनकी शिकायत होती है कि उनकी एडवोकेट से प्रॉपर बात नहीं हो पाती है. सही बात नहीं बता पाने की वजह से उसे सजा मिल गई है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय की विजिट जेल के अंदर होती रहती है. पिछले दिनों भागवत कथा के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी डिस्ट्रिक्ट जज के साथ आए थे. उनके संज्ञान में जब यह बात आई तो उन्होंने मुद्दा उठाया कि ऐसी कोई व्यवस्था होनी चाहिए, जहां कैदियों की निजता भी हो और वह अपनी बात खुलकर अधिवक्ता को बता सकें.

अभिभाषक संघ ने की मदद
आगे बताया कि जेल में कमरा था, जीर्ण-शीर्ण हालत में था. जिला अभिभाषक संघ ने कहा कि फंड वो मुहैया करा देंगे. अभिभाषक संघ के द्वारा सामग्री उपलब्ध कराई गई. बंदियों के द्वारा श्रमदान किया गया. अब यह विशेष कक्ष तैयार हो गया है. निश्चित तौर पर ट्रायल के दौरान बंदियों को लाभ मिलेगा. प्रदेश की अन्य जिलों में सामान्य मुलाकातों के लिए के लिए कक्ष है, लेकिन इस तरह के विशेष कक्ष नहीं हैं.

सराहनीय कदम
सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे ने बताया कि पहले वकीलों को अपने पक्षकारों से मुलाकात की जो व्यवस्था थी, उसमें बाहर से खिड़की के माध्यम से चर्चा की जाती थी. धूप, पानी सभी अधिवक्ता को झेलना पड़ता था, लेकिन जेल अधीक्षक की जागरूकता से डिस्ट्रिक्ट जज और जिला सेवा प्राधिकरण से चर्चा हुई.

Tags: Advocate, Central Jail, Mp news, Sagar news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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