
अभिनव कुमार/दरभंगा. मिथिलांचल खास कर कहे तो दरभंगा जिले में आम की पैदावार वृहद पैमाने पर होती है. यही कारण है कि यहां के आम का स्वाद देश विदेशों तक के लोग चखते हैं. लेकिन इस बार मिथिलांचल के आम की मिठास विदेशों तक नहीं पहुंच पाएगी.
कारण है कि इस बार आम की पैदावार मिथिलांचल में काफी कम मात्रा में हुई है. इसके पीछे भी एक कारण है कि मौसम की बेरुखी आम के फल को बर्बाद कर रही है. किसानों की माने तो बारिश नहीं होने की वजह से आम के फल पेड़ से गिर रहे हैं. कई सारे पेड़ भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं. आम के बागवानी में इस बार उन्हें काफी भारी नुकसान हो रहा है.
रेड बैंडेड कैटरपिलर नामक कीट आम के फसल को किया खराब
मामले पर फल वैज्ञानिक प्रो. डॉ. एस के सिंह प्रधान की मानें तो रेड बैंडेड कैटरपिलर नामक कीट आम के फसल को खराब कर रही है. समय रहते अगर इसकी रोकथाम की जाए तो आम की पैदावार को बचाया जा सकता है.
इस संदर्भ में जब हमने स्थानीय किसानों से बात की तो उन्होंने बताया कि एक तो प्रचंड गर्मी ऊपर से वर्षा का न होना और फिर ऊपर आग जैसी लगती हवाओं के साथ चलना आम की फसल को बर्बाद कर रहा है. छोटे किसान होते हुए भी एक से 2 लाख की आमदनी होती थी लेकिन अब इस बार नुकसान हो गया.
कीट ने इन जिला में आम के फल को पहुंचाया नुकसान
वहीं फल वैज्ञानिक प्रो.डॉ एसके सिंह प्रधान अन्वेषक अखिल भारतीय फल अनुसंधान परियोजना एवं सह निर्देशक अनुसंधान डॉ.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बताया कि किसान रिपोर्ट कर रहे हैं कि उन्हें बहुत नुकसान हो रहा है. red-vented कैटरपिलर्स नामक कीट पश्चिम चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर जिला में कुछ ज्यादा ही आम के फल को नुकसान कर रहा है.
यह कीड़ा लालवा के रूप में दो सटे हुए आम के फलों पर लगता है. आम का जो दो भाग सटा हुआ होता है. उसी पर लगता है. शुरुआत में यह आम के फल पर काला धब्बा जैसा दाग छोड़ता है. यदि समय से इसकी रोकथाम नहीं की गई तो यह फल को छेद कर अंदर से सारा देता है और कुछ ही दिनों में फल गिर जाता है.
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FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 18:38 IST








