कौशाम्बी
सिराथू_में_वर्ष2000_में_रोपा_कमल_2023_में_खिला
यह तब की बात है जब लोग कमल के फूल के सिम्बल से घबराते थे और यह कहना भी अतिशयोक्ति नही होगी कि बड़े बड़े दिग्गज भी #कमल के साथ नही बल्कि अपने स्वार्थों के हिसाब से अपने रास्ते चुनते थे, आज नगर का बहुमत यदि कमल के साथ खड़ा हुआ है तो उसकी नींव सिराथू नगर के वो 203 मतदाता हैं जिन्होंने वर्ष 2000 में भी मेरी माता माधुरी केशरी केशरी जी व कमल को अपना आशीर्वाद उन विपरीत परिस्थितियों में भी दिया था, मैंने और मेरे परिवार ने सदैव वैचारिक व संगठन को सर्वोपरि मानकर सिराथू के हर जनादेश को न केवल स्वीकार किया है बल्कि कभी भी किसी पार्टी पदाधिकारी या नगरवासी से कोई शिकायत नही की। केवल वर्ष 2000 में ही नहीं 2007 में जब नगर की सीट #महिला_आरक्षित हुई जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा का दायित्व सम्भाल रही मेरी माता जी को पार्टी ने पुनः #प्रत्याशी बनाया। वह वह दौर था जब सिराथू की परिस्थितियां अत्यंत विपरीत थी, वैचारिक लड़ाई से ज्यादा महत्व व्यक्तिगत हितों की थी। हिन्दू मुस्लिम के नाम पर हो या लोकल चुनाव में सिम्बल का कोई महत्व नहीं का नारा बुलंद किया जाता था और इस चुनाव में 302 मतदाताओं ने #भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया था। 2012 में परिस्थितियां बदली थी मा० श्री केशव जी सिराथू के #विधायक थे और नगर पंचायत की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी, 2012में मा० निवर्तमान विधायक श्री शीतला प्रसाद पटेल जी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी थे, यह चुनाव था जंहा भाजपा ने संघर्ष किया लेकिन हम यह चुनाव भी लगभग 170 मतों से हार गये और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वर्तमान चैयरमैन भोला यादव जी को विजय मिली।
2017 के चुनाव में पुनः अनारक्षित सीट होने पर मेरे टिकट न माँगने के बावजूद पार्टी ने मुझे चुनाव लड़ने हेतु प्रत्याशी बनाया, उस समय मेरे पास पार्टी के क्षेत्रीय मंत्री का दायित्व था मैं पार्टी के आदेश को भला टाल कैसे सकता था? यह वह समय था जब सिराथू सहित पूरा उत्तर प्रदेश कमल मय था, मार्च 2017 में मा० केशव जी के प्रदेश अध्यक्ष रहते उनके नेतृत्व में पूरे प्रदेश सहित सिराथू विधानसभा मे भी कमल खिला था। मा० शीतला प्रसाद पटेल जी विधायक व मा० केशव जी प्रदेश के नव उपमुख्यमंत्री बने थे उन तमाम साकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद भी शायद मैं सिराथू नगर के लोगों का विश्वास नही अर्जित कर सका हालांकि भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुझे सर्वाधिक मत 2141 मत प्राप्त हुए। वर्तमान चैयरमैन भोला यादव जी ही मेरे मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे जिन्होंने लगभग 1600 मतों के अंतर से मुझे पटखनी दी। उस चुनाव में भाजपा की, कमल की,प्रशान्त की हार हो, इस नाते पूरा विपक्षी मत एकजुट हुआ और हम दोनों के अलावा चुनाव लड़ रहे अच्छे अच्छे नेताओं (राजेश गुप्ता, दयाशंकर यादव, ताजुद्दीन , अबरार अहमद) को न के बराबर मत मिले।
खैर कुछ तो कमी रही ही होगी मेरे में , चुनावी परिस्थितियां निर्माण के कई कारण और कई समीकरण होते हैं जिसकी समीक्षा स्वयं जनता और पार्टी करती है।
इसके बाद अब वक्त आया है आज 2023 का जब दो बार भाजपा को पराजित किये भोला यादव जी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी बने, एक कार्यकर्ता होने के नाते भोला जी विजयी हो इसके लिए यथासंभव हर प्रयास किया, लेकिन मुझे यह कहने में भी कोई गुरेज नही है जो स्वयं अपना चुनाव नही जीत सकता वह भला दूसरों को क्या जिताएगा? खैर राम सेतु निर्माण में गिलहरी की भाँति मैं पार्टी और भोला जी के विजय हेतु अपना प्रयास किया। भोला यादव जी के 10 वर्षो के कार्यकाल व उनकी स्वयं की लोकप्रियता, मा० केशव जी के आशीर्वाद , मा० विधायक पप्पू पटेल जी के सहयोग, मा० जिलाध्यक्ष जी का भी गृहनगर होने का ऐतिहासिक फायदा हमें प्राप्त हुआ और भाजपा प्रत्याशी के रूप में अब तक की सबसे बड़ी जीत 1806 मतों से प्राप्त हुई।
मैंने चुनावी सभाओं में भी यह बात कही थी यंहा भी लिख रहा हूँ 2017 में मैंने वोटों के संख्या की लड़ाई भले ही हारी हो लेकिन वैचारिक लड़ाई जिसकी शुरुआत सन 2000 में मेरी माता जी ने शुरू की थी, वह मैंने और मेरी माता जी ने आज जीत ली है, वर्ष 2000 से 2017 तक जो जो लोग भाजपा का , कमल का विरोध करते दिखते थे आज लगभग सभी लोग अपने को सबसे बड़ा भाजपाई बताते फिर रहें है, यह सबसे सुखद है। एक वैचारिक कार्यकर्ता के रूप में मेरे व मेरी माता जी के लिए इससे बड़ी कोई #विजय हो ही नही सकती। भोला यादव जी सहित सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को इस वैचारिक लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए जनसेवा का एक कीर्तिमान बनाना होगा और यह विजय अभियान निरन्तर चलता रहे यह हम सभी को सुनिश्चित करना होगा।
भारत माँ की सेवा में प्रशान्त हो ,भोला हो या नाम कोई भी हो यह सब अस्थाई है स्थाई है तो हमारा विचार, हमारी संस्कृति और हमारी भारत माँ , जिसके लिये मेरा सर्वस्व न्योछावर है।
व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा देश यही पार्टी द्वारा मुझे दिया गया संस्कार है।भले ही कोई अपने वर्तमान पर इतरा रहा हो, लेकिन हम अपने इतिहास से लेकर वर्तमान तक गर्व और गौरव से परिपूर्ण हैं।
#भारत_माता_की_जय








