
आदित्य आनंद/ गोड्डा. आने वाले 19 मई को वट सावित्री पूजा है. महिलाओं के लिए यह काफी खास त्योहार होता है. जिसमें शादीशुदा महिलाएं अपने पति की रक्षा और लंबी उम्र की कामना करते हुए वर वृक्ष की पूजा करती है. इसे लेकर जहां एक ओर गोड्डा में महिलाएं करीब 1 सप्ताह पहले से ही इसकी तैयारियों में जुट जाती हैं. इस पूजा में बांस के बने डलिया और पंखा का खासा महत्व है. लिहाजा बाजार से लेकर गांव में घुम-घुमकर इसकी बिक्री शुरू हो चुकी है.
डलिया बेचने वाले अमीन बॉसको ने बताया कि वट सावित्री पूजा में डलिया की डिमांड काफी बढ़ जाती है. इन दिनों डलिया 40 रुपये व पंखा 25 रुपये का बिक रहा है. जबकि आम दिनों में इस डलिया का दाम सिर्फ 20 रुपये और पंखा की कीमत 10 रुपये होती है. वे खुद दोनों आइटमों को बनाते हैं और इसकी बिक्री करते हैं.
वहीं, डलिया खरीदने वाली महिला खुशबू देवी ने बताया कि परंपरा के मुताबिक वट सावित्री पूजा में उपयोग होने वाला फलवा पूजा की सामग्री डलिया में लेकर जाया जाता है. और जब यह डलिया नहीं मिलता है तो मजबूरन उन्हें प्लास्टिक के डालिए से पूजा करना पड़ता है.
बांस के डलिया और पंखा का महत्व
गोड्डा के प्रसिद्ध पुरोहित सतीश झा ने बताया कि द्वापर युग में वट सावित्री पूजा के दिन जब सावित्री के पति सत्यवान बांस काटते काटते थक गए थे. तो बांस से बने पंखे से ही उसे हवा दी गई थी. जिससे उसे राहत दी गई थी. उसी परंपरा के मुताबिक आज भी वट सावित्री पर महिलाएं बांस का पंखा से पति को हवा करती है. वहीं, बांस के डलिया में ही पूजा करना शुभ माना जाता है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Godda news, Jharkhand news
FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 20:24 IST








