Almora News : महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बना अल्ट्रासाउंड लेवल-2 का जांच, हल्द्वानी का लगाना पड़ता है चक्कर

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रोहित भट्ट/अल्मोड़ा.एक महिला अपने बच्चे को 9 महीने तक गर्भ में पालती है. इस दौरान उसे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सफर नहीं करना चाहिए पर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जैसे शहर में गर्भवती महिलाओं को 90 किलोमीटर दूर हल्द्वानी या फिर अन्य शहरों की ओर अल्ट्रासाउंड लेवल 2 जांच कराने के लिए जाना पड़ता है.

सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा को बुद्धिजीवियों का शहर भी कहा जाता है. इस शहर में अभी तक अल्ट्रासाउंड लेवल 2 की जांच नहीं हो पा रही है, जिस कारण से गर्भवती महिलाओं को यह जांच कराने के लिए करीब 90 किलोमीटर का रास्ता तय करके हल्द्वानी जाना पड़ता है. इस वजह से गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

अल्ट्रासाउंड लेवल-2 के जांच का कारण
हल्द्वानी के प्राइवेट अस्पतालों में लेवल 2 की जांच के लिए 2500 से लेकर 3500 लिए जाते हैं. गर्भवती महिलाओं के पांचवें महीने में अल्ट्रासाउंड लेवल 2 जांच की जाती है. इस जांच में बच्चे के शारीरिक अंगों की बनावट के बारे में पता चलता है यानी कि बच्चा अच्छे से बढ़ रहा है या बच्चे में कोई कमी तो नहीं है, जिसका इस लेवल-2 जांच में पता चलता है.

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गर्भवती महिलाओं का करना पड़ता है परेशानी का सामना
गर्भवती महिला कुसुम पांडे ने बताया कि वह जागेश्वर के भगतोला गांव से आई हैं और लेवल 2 की जांच कराने के लिए वह हल्द्वानी गई थीं. एक तो सड़क का सफर और ऊपर से उल्टी भी होती है, जिससे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सरकार और प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि गर्भवती महिलाओं को इस जांच की सुविधा यहीं मिल सके.

खराब रास्ता बना परेशानी का सबब
स्थानीय निवासी प्रशांत वर्मा ने बताया कि वह अपनी पत्नी का लेवल 2 की जांच कराने के लिए हल्द्वानी गए थे. यह जांच अल्मोड़ा में नहीं होने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क का सफर, कई जगह खराब रास्ता और वहां जाकर लेवल 2 की जांच में करीब ₹3500 लगते हैं. प्रशांत बताते हैं कि गांव क्षेत्र की महिलाएं शायद ही इस जांच के लिए इतनी दूर जाती हों. लेवल 2 की जांच अल्मोड़ा में हो जाए, तो गर्भवती महिलाओं को काफी लाभ होगा.

डीएम ने लिया संज्ञान
अल्मोड़ा के सीएमओ डॉ आर सी पंत ने बताया कि न्यूज़ 18 लोकल ने यह बिंदु काफी अच्छा उठाया है. इसको लेकर डीएम और उनके द्वारा संज्ञान लिया गया है. लेवल 2 जांच करने में करीब डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, जिससे ओपीडी भी प्रभावित होती है. भविष्य में अन्य रेडियोलॉजिस्ट मिल जाएं, तो अल्मोड़ा में यह सुविधा यहां शुरू हो जाएगी. इससे गर्भवती महिलाओं को दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Tags: Almora News, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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