
हाइलाइट्स
हिंसा और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चांग इलाके में न्यूक्लियर फैसिलिटी पर कमांडो तैनात किए
गिलगिट-बाल्टिस्तान में एक माह के लिए धारा 144, फवाद चौधरी को देर रात में गिरफ्तार किया.
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) की गिरफ्तारी के बाद देश में बवाल मचा हुआ है. दिन प्रतिदिन पाक के हालात खराब होते जा रहे हैं और पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं. हालांकि देश में धारा 144 को लागू कर दिया गया है. बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप देखा जा रहा है. प्रदर्शनकारियों से निपटने और बेकाबू हालात पर काबू पाने को पाकिस्तान के सिंध प्रांत को छोड़कर बाकी 3 राज्यों में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू कर दिया गया है. पीटीआई के कई बड़े नेताओं के गिरफ्तार होने की खबरें भी सामने आई हैं.
अल कादिर ट्रस्ट घोटाले में पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Former PM Imran Khan Arrested) की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इमरान की पार्टी पीटीआई (PTI) ने इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका भी दायर की थी. इस पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने अरेस्ट को लीगल बताया था. इसके बाद PTI ने सुप्रीम कोर्ट (SC) का रुख किया था और अब सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की बेंच इस पर अपना फैसला सुनाएगी.
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के जिन राज्यों में उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों को काबू करने और हिंसा को रोकने के लिए मॉर्शल लॉ लगाया है उनमें पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रमुख रूप से शामिल हैं. इन राज्यों को आर्मी के हवाले कर दिया गया है. वहीं, सिंध प्रांत में मॉर्शल लॉ नहीं लगाया गया है. जानकारी के मुताबिक हिंसा भड़काने के आरोप में PTI के नेता फवाद चौधरी को देर रात में गिरफ्तार कर लिया गया था. वहीं, आज गुरुवार को पीटीआई के बड़े नेताओं में शुमार शाह महमूद कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था. बताया जाता है कि इमरान की पार्टी के करीब 1,900 नेता-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है.
पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है और 290 लोग घायल हो चुके हैं. कल बुधवार को बुधवार को इमरान खान को 8 दिन के लिए नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की रिमांड पर भी भेज दिया गया था. इमरान खान की गिरफ्तारी 9 मई को हुई थी जिसके बाद से पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन में हो रहे हैं. और अब इससे निपटने के लिए 3 राज्यों को सेना के हवाले कर दिया गया है.
पेशावर में PTI समर्थकों ने चुनाव आयोग के कार्यालय को निशाना बनाया
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूर्व पीएम इमरान खान की गिरफ्तारी से नाराज PTI समर्थकों ने पेशावर में चुनाव आयोग के कार्यालय को भी अपना निशाना बनाया है. चुनाव आयोग के कार्यालय पर हमला किया गया. वहीं, हिंसा और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चांग इलाके में न्यूक्लियर फैसिलिटी पर कमांडो तैनात किए गए हैं. गिलगिट-बाल्टिस्तान में एक माह के लिए धारा 144 लगाई गई.
उधर, NAB ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PM शाहबाज शरीफ, उनके बेटे हमजा शरीफ सहित बाकी लोगों को क्लीन चिट दे दी है. PM शाहबाज शरीफ का कहना है कि इमरान और PTI ने देश को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. आतंकवादियों की तरह सैन्य ठिकानों पर हमले किए. ऐसा 75 सालों में कभी नहीं हुआ.
वहीं नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के टेम्परेरी कोर्ट में कल इमरान की पेशी हुई थी जिसके बाद 8 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया. बताया जाता है कि तोशाखाना केस में भी पूर्व पाक प्रधानमंत्री इमरान खान पर आरोप तय हुए हैं.
ब्रिटिश पीएम बोले- यह पाकिस्तान का अपना मसला है
पूर्व पीएम की गिरफ्तारी के बाद न केवल पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं बल्कि दुनिया के कई देशों में समर्थकों द्वारा प्रोटेस्ट किया जा रहा है. लंदन में इमरान की गिरफ्तारी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक का भी बयान आया है. ब्रिटिश पीएम इसको पाकिस्तान का अपना अंदरूनी मामला बता रहे हैं और कहा है कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
विदेश मंत्री की प्रदर्शनकारियों से कानून का पालन करने की अपील
पाकिस्तान में रहे विरोध प्रदर्शन और हिंसा पर विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो का कहना है कि 9 मई पाकिस्तान के इतिहास का एक और काला दिन है. किसी भी राजनेता की गिरफ्तारी देश के लिए बड़ा नुकसान है. पीटीआई को देशभर में चल रहे हिंसक प्रदर्शन खत्म करते हुए कानून का पालन करना चाहिए.
पाकिस्तान में 4 बार लागू हो चुका है मार्शल लॉ
जानकारों की माने तो मार्शल लॉ लागू करने की घोषणा तब की जाती है, जब देश में नागरिक अशांति या राष्ट्रीय परेशानी या युद्ध की स्थिति जैसी आपातकालीन स्थिति पैदा हो जाती है. उस समय नागरिक सरकार द्वारा निर्णय लेना कठिन हो जाता है, तब सभी निर्णय सेना द्वारा लिए जाते हैं. इसके बाद उस जगह को देश की सेना टेकओवर कर लेती है. भारत से सटे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में 4 बार मार्शल लॉ लगाया जा चुका है. इसके लागू होने के बाद इसका बड़ा असर वहां के नागरिकों के अधिकारों पर पड़ता है. और राजनीतिक दलों को रैली, जनसभा आदि के आयोजन पर प्रतिबंध लग जाता है. इसका एक बड़ा असर यह भी देखने को मिलता है कि इसके लागू होने से देश के नेताओं की गिरफ्तारी की आशंका ज्यादा बढ़ जाती हैं.
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Tags: Imran khan, Imran Khan Arrest, Pakistan army, Pakistan Civil War, Pakistan news
FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 17:35 IST








