किस चीज से बनते हैं कैप्‍सूल के कवर, शरीर में जाकर प्‍लास्टिक जैसे दिखने वाले कवर का होता क्या है?

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Capsule Cover Material: आप या आपके परिवार का कोई सदस्‍य जब बीमार होता है तो आप डॉक्‍टर के पास जाते हैं. डॉक्‍टर बीमारी डायग्‍नोस करने के बाद टैबलेट्स, कैप्‍सूल्‍स, इंजेक्‍शन या सीरिप या सभी चीजों के कॉम्‍बीनेशन बनाकर ट्रीटमेंट प्रिस्‍क्राइब करते हैं. इनमें कई कैप्‍सूल्‍स को देखकर लगता है कि उनका कवर प्‍लास्टिक से बना है. कुछ को देखकर लगता है कि उनके कवर सॉफ्ट रबर से बने हैं. क्‍या आपके दिमाग में भी कभी ये सवाल आया है कि कैप्‍सूल के कवर किस चीज के बने होते हैं? कभी सोचा है कि इस कवर का शरीर में जाकर क्‍या होता है? अगर आपके दिमाग में ये सवाल आए हैं तो हम आपको इनका जवाब दे रहे हैं.

कुछ साल पहले लोकसभा सदस्‍य और बीजेपी नेता मेनका गांधी ने कहा था कि कैप्‍सूल के कवर से कुछ समुदायों के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है. इस दौरान उन्‍होंने ये भी कहा था कि कैप्‍सूल के कवर पेड-पौधों की छाल से बनाए जाने चाहिए. तो सबसे पहले यही जानते हैं कि कैप्‍सूल के कवर आखिर ऐसी किस चीज से बने होते हैं, जिनको खाने से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं? क्‍या ये कवर बायोडिग्रेडेबल प्‍लास्टिक से नहीं बने होते हैं?

ये भी पढ़ें – Explainer: टैबलेट्स और कैप्सूल्स रंग-बिरंगे क्यों होते हैं, क्‍या बीमारी से भी होता है कोई संबंध?

किस चीज से बनाया जाता है कैप्‍सूल कवर
दवा के तौर पर इस्‍तेमाल होने वाले कैप्‍सूल का कवर बायोडिग्रेडेबल प्‍लास्टिक से नहीं बना होता है. ये कवर दो तरह के होते हैं. पहला हार्ड शेल्‍ड और दूसरा सॉफ्ट शेल्‍ड. दोनों ही तरह के कैप्‍सूल कवर्स को बायोडिग्रेडेबल मैटेरियल से ही बनाए जाता है. कैप्‍सूल के दोनों तरह के कवर जानवरों या पेड़-पौधों के प्रोटीन जैसे लिक्विड सॉल्‍यूशंस से बनाए जाते हैं. जिन कैप्सूल्‍स के कवर जानवरों के प्रोटीन से बनाए जाते हैं, उनकी सामग्री जिलेटिन कहलाती है. इसे मुर्गा, मछली, सुअर और गाय व उसकी प्रजाति के बाकी जानवरों की हड्डियों तथा त्‍वचा को उबालकर निकाला जाता है.

Capsule Covers, Capsule, Gelatin, Cellulose, Cartilage, Tendon, Animal protein, Capsule Double Colour, Capsule and Religious sentiment, Medicine, Coloured Medicines, Tablets Colour, Biodegradable Capsule

कैप्‍सूल के कवर खास तरह के प्रोटीन जिलेटिन और सेल्‍यूलोज से बने होते हैं.

कहां मिलता है कैप्‍सूल कवर का सेल्‍यूलोज
कुछ कैप्सूल्‍स के कवर पौधों से मिलने वाले प्रोटीन से बनाया जाता है. ये प्रोटीन पौधों की छाल से निकाला जाता है. कैप्‍सूल के कवर बनाने के लिए इस प्रोटीन को सेल्‍यूलोज प्रजाति के पेड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, जिलेटिन कोलेजन से बनता है. यह रेशेदार पदार्थ जैसे जानवरों की हड्डियों, उपास्थि और कंडरा में पाया जाता है. जिलेटिन का इस्तेमाल जेली बनाने में भी किया जाता है. कई हेल्थ रिसर्च में बताया गया है कि ज्यादातर फार्मा कंपनियां पशुओं के उत्पादों से बने जिलेटिन कवर वाले कैप्सूल बेचती हैं. इसीलिए एनिमल एक्टिविस्‍ट मेनका गांधी ने पेड़-पौधों की छाल से मिले सेल्‍यूलोज के कवर का इस्‍तेमाल करने का सुझाव दिया था.

ये भी पढ़ें – Explainer: असम में किस तरह होती है पॉलीगेमी, जिसके खिलाफ बन सकता है कानून

शरीर में जाकर क्‍या होता है कवर का
जैसा कि अब आप जानते हें कि कैप्‍सूल के कवर जिलेटिन और सेल्‍यूलोज से बने होते हैं. आप ये भी जानते हैं कि ये जिलेटिन और सेल्‍यूलोज जानवरों और पेड़-पौधों के प्रोटीन से बनता है. साफ है कि जब हम कैप्‍सूल खाते हैं तो उसका कवर शरीर में जाकर घुल जाता है और दवाई अपना काम शुरू कर देती है. कवर से मिला प्रोटीन हमारे शरीर को पोषण देता है. वहीं, अतिरिक्‍त प्रोटीन शरीर से बाहर निकल जाता है. इससे शरीर को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है.

Capsule Covers, Capsule, Gelatin, Cellulose, Cartilage, Tendon, Animal protein, Capsule Double Colour, Capsule and Religious sentiment, Medicine, Coloured Medicines, Tablets Colour, Biodegradable Capsule

जब हम कैप्‍सूल खाते हैं तो पाचनतंत्र कवर को घोल देता है और दवाई अपना काम शुरू कर देती है.

खास मकसद से दो रंग के होते हैं कैप्‍सूल
आजकल कैप्सूल बनाने में जिलेटिन और सैल्‍यूलोज के कवर का ही इस्तेमाल होता है. इस कवर में दवा भरी जाती है. क्‍या आपने कभी सोचा है कि कैप्‍सूल के कवर दो अलग रंगों के क्‍यों होते हैं? इसका कारण कैप्‍सूल्‍स को खूबसूरत बनाना नहीं होता है. इनमें कैप्सूल का एक हिस्‍सा कैप और दूसरा हिस्‍सा कंटेनर की तरह काम करता है. कैप्सूल के कंटेनर वाले हिस्‍से में दवाई भरी होती है. वहीं, कैप वाले हिस्‍से से कैप्‍सूल को बंद किया जाता है. कैप और कंटेनर का रंग अलग इसलिए रखा जाता है ताकि कैप्सूल बनाते समय कर्मचारियों से गलती न हो.

Tags: Health and Pharma News, Health News, Medicine and buffalo meat, Medicines, Pharmaceutical company

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें