कंपनियां दोगुनी सैलरी देने को तैयार, फिर भी नहीं मिल रहे कर्मचारी, इस फील्ड में 51% पोस्ट खाली

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हाइलाइट्स

इस समय एआई एक्‍सपर्ट को खूब सैलरी मिल रही है.
एआई इंजीनियर्स दोगुनी सैलरी पर जॉब स्विच कर रहे हैं.
भारत में बीते साल 66 नए टेक इनोवेशन सेंटर खुले हैं.

नई दिल्‍ली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है. ओपनएआई के चैटजीपीटी (ChatGPT) की सफलता ने दिग्‍गज टेक कंपनियों के कान खड़े कर दिए हैं. यही कारण है गूगल और एप्पल से लेकर हर छोटी-बड़ी कंपनी एआई टूल्‍स विकसित करने को पानी की तरह पैसा बहा रही है. इसका असर यह हुआ है कि एआई में एक्सपर्ट प्रोफेशनल की मांग दुनियाभर में बढ़ी है. भारत भी इससे अछुता नहीं है. नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज यानी नैसकॉम (NASSCOM) का कहना है कि भारत में जरूरत से 51 फीसदी एआई इंजीनियर्स कम हैं. देश में अभी 4.16 लाख AI इंजीनियर्स हैं. अब भी 2.13 लाख अतिरिक्त AI इंजीनियर्स की डिमांड है.

भारत को वैश्विक टेक इंडस्‍ट्री का बैक ऑफिस कहा जाता है. लेकिन भारत भी डिमांड-सप्लाई का यह गैप पाट नहीं पा रहा है. नैसकॉम के अनुसार दुनिया के AI टैलेंट पूल में 16 फीसदी हिस्सेदारी के साथ भारत, अमेरिका और चीन के साथ दुनिया के टॉप तीन टैलेंट मार्केट में शामिल है. भारत के पास हाई स्किल वाले एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा टैलेंट का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पूल है.

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AI इंजन बनाने में जुटीं टेक कंपनियां
गूगल, बैदू (Baidu) और माइक्रोसॉफ्ट सहित लगभग हर टेक कंपनी एआई इंजन बनाने में जुटी है. इसी का असर है कि सिलिकॉन वैली से लेकर बैंगलुरु तक एआई इंजीनियर्स की डिमांड सातवें आसमान पर है. पिछले कुछ महीनों में कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने भले ही बड़ी संख्‍या में कर्मचारी निकाले हो, परंतु छंटनी का असर एआई में लगे कर्मचारियों पर नहीं हुआ है.

कंपनियां दोगुनी सैलरी देने को तैयार
इस समय एआई एक्‍सपर्ट को खूब सैलरी मिल रही है. वे 30-50 फीसदी इन्क्रीमेंट के साथ जॉब स्विच कर रहे हैं. कंपनियां एआई इंजीनियर्स को अपने पाले में करने को उन्‍हें मुंहमांगी सैलरी देने को तैयार है. यही कारण है कि एआई इंजीनियर्स दोगुनी सैलरी पर एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जा रहे हैं. हेल्थकेयर, फाइनेंस और एंटरटेनमेंट कंपनियों में भी AI की डिमांड बढ़ने लगी है. लेकिन, जरूरत भर AI इंजीनियर नहीं मिल रहे हैं. भारत में बीते साल 66 नए टेक इनोवेशन सेंटर खुले हैं. इन्हें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (CGC) या कैप्टिव्स कहा जाता है. भारत में अब इनकी कुल संख्या 1600 के करीब हो गई है. दुनियाभर की कंपनियां भारत CGC और R&D हब स्थापित कर रही हैं.

Tags: Artificial Intelligence, Business news in hindi, Google, Job, Job opportunity

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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