Success Story: 40 की उम्र में हुए रिटायर, फिर शुरू किया खुद का बिजनेस, खड़ी कर दी 12,000 करोड़ की कंपनी

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हाइलाइट्स

कोनेरु ने आईआईटी मद्रास से इंजीनियरिंग की थी.
इसके बाद वह मास्टर्स के लिए अमेरिका चले गए.
पढ़ाई के बाद उनकी पहली नौकरी माइक्रोसॉफ्ट में थी.

Success Story: अक्सर लोग सोचते हैं कि जल्दी रिटायर होकर वह अपनी बाकी की जिंदगी चैन से गुजारें. हालांकि, हर कोई अपने आप को आर्थिक रूप से उतना सशक्त नहीं कर पाता कि 45-50 पर रिटायर होकर आगे बगैर पैसों की तंगी के जीवन बसर कर सकें. सुधीर कोनेरु (Sudheer Koneru) इस मामले में एक अपवाद हैं. दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी के बावजूद उन्होंने 2008 में रिटायर होने का तय कर लिया. तब उनकी उम्र केवल 40 साल थी. 40 अधिकांश पेशों में वह उम्र होती है जब शख्स की करियर अपने शीर्ष की ओर बढ़ रहा होता है.

सुधीर ने आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद वह अमेरिका चले गए और वहां यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से मास्टर्स की डिग्री ली. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट के साथ की थी. वहां वह अपनी प्रतिभा और लगन की बदौलत डायरेक्टर के पद तक पहुंचे. हालांकि, उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया और खुद की कंपनी शुरू की.

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3 कंपनियों के संस्थापक
सुधीर अब तक कुल तीन कंपनियां बना चुके हैं. इनमें से 2 उन्होंने काफी समय पहले बेच दी. माइक्रोसॉफ्ट से निकलने के बाद उन्होंने पहली कंपनी इंटेलीप्रेप टेक्नोलॉजीज बनाई. कुछ समय तक वह इस कंपनी के सीईओ भी रहे. बाद में ये कंपनी क्लि2लर्न (Click2learn) के साथ मिला दी गई. क्लिक2लर्न पॉल एलेन की कंपनी थी जो माइक्रोसॉफ्ट के भी सह-संस्थापक थे. इसके बाद उन्होंने Sumtotal के नाम से एक कंपनी का निर्माण किया. इस कंपनी ने करीब 10 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट करना शुरू किया ही था कि 2007 में उन्होंने इसे भी छोड़ दिया. 2008 में उन्होंने तय किया कि वह रिटायर हो जाएंगे.

फिर हुई वापसी
सुधीर ने रिटायरमेंट जरूर ले ली लेकिन शायद उन्हे रिटायर होना जमा नहीं. करीब 2 साल के अज्ञातवास के बाद सुधीर कोनरु ने एक बार फिर वापसी की और इस बार उनका बिजनेस पहले के 2 से काफी बेहतर साबित हुआ. उन्होंने वेलनेस, स्पा और सैलून को ध्यान में रखते हुए एक सॉफ्टवेयर को निर्माण किया जिसका नाम था मैनेज माय स्पा (ManageMySpa). 2015 में कंपनी का नाम बदलकर जेनोटी (Zenoti) कर दिया गया. 2020 में ये कंपनी यूनिकॉर्न बन गई. गौरतलब है कि 1 अरब डॉलर से अधिक के वैल्युएशन वाले स्टार्टअप को यूनिकॉर्न कहा जाता है. उनके सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल 50 देशों में होता है. VentureIntelligence के अनुसार, उनकी कंपनी का मूल्यांकन आज 12,000 करोड़ रुपये के आसपास है.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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