1 महा उपाय, कुंडली में मौजूद 5 दोषों से दिलाए छुटकारा, जीवन में आ रही समस्याओं से पाएं मुक्ति

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु चांडाल दोष भी मनुष्य को कई तरह से परेशान करता है.
इस दोष के कारण व्यक्ति की पाचन क्रिया दुरुस्त नहीं रहती.

Astro Tips for 5 Dangerous Dosh : हर व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव लगा रहता है जो उसे कभी सफलता का स्वाद चख आता है तो कभी परेशानियों का अंबार हताश बना देता है. शास्त्र के अनुसार इन सब में मुख्य भूमिका मनुष्य के ग्रह नक्षत्रों की मानी जाती है. कोई ग्रह अगर शुभ भाव में विराजमान होता है तो अनेक तरह की सुख सुविधाएं और खुशियां उस व्यक्ति की झोली में भर जाती हैं. वहीं इसके विपरीत यदि कोई ग्रह है अशुभ भाव में विराजमान हो तो व्यक्ति को राजा से रंक बनने में भी देर नहीं लगती. आज के इस आर्टिकल में कुंडली में मौजूद पांच खतरनाक दोषों के बारे में जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

5 खतरनाक दोष

1. कालसर्प दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है उन व्यक्तियों को जीवन में अत्यधिक संघर्ष करना पड़ता है और उनके काम अक्सर बिगड़ ही जाते हैं. कालसर्प दोष राहु और केतु के एक साथ आने से निर्मित होता है.

यह भी पढ़ें – कैसा हो घर का पायदान, किन बातों का रखना चाहिए ध्यान, रंग और दिशा के लिए फॉलो करें वास्तु टिप्स

2. मंगल दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष होता है ऐसे लोगों के रिश्ते बिना किसी कारण के बेहद तनाव से भरे होते हैं. विवाह के लिए मंगल दोष अशुभ माना जाता है.

3. केंद्राधिपति दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में केंद्राधिपति दोष होता है. ऐसे जातकों को अपने करियर और नौकरी में अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. बृहस्पति और बुध के कारण निर्मित होता है.

4. पितृ दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी जातक के पूर्वज उनसे खुश नहीं होते तो पितृ दोष उत्पन्न होता है. किसी जातक की कुंडली में राहु या केतु के साथ सूर्य का संयोजन होता है तो पितृ दोष की स्थिति बनती है.

यह भी पढ़ें – किस दिशा में होना चाहिए पानी की टंकी, सही स्थान का रखें विशेष ध्यान, जीवन पर पड़ता है गहरा असर

5. गुरु चांडाल दोष

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु चांडाल दोष भी मनुष्य को कई तरह से परेशान करता है. इस दोष के कारण व्यक्ति की पाचन क्रिया दुरुस्त नहीं रहती. इसके अलावा फिजूल खर्च भी होता है.

1 महा उपाय

इन पांचों दोषों के लिए ज्योतिष शास्त्र में एक महा उपाय बताया गया है. नियमित रूप से 11 बार ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप कर भगवान शिव जी निर्मल और भक्तिमय होकर पूजा करें.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें