
शक्ति सिंह/कोटा. शिक्षा नगरी के रूप में विख्यात राजस्थान का कोटा अपनी धार्मिक संस्कृति को लेकर अलग स्थान रखता है. यहां सैकड़ों मंदिर हैं, जिनमें से कई काफी प्राचीन हैं. इन मंदिरों में कई प्रमुख शिव मंदिर भी हैं. आम तौर पर किसी मंदिर के शिव परिवार में विराजित शिवलिंग का रंग सामान्यत गहरा काला होता है. लेकिन, कोटा में शिवपुरा इलाके में राम धाम आश्रम में चंद्रमौलेश्वर महादेव मंदिर स्थापित है. यहां पर अनोखा शिवलिंग विराजित है. यहां स्फटिक मणि का पारदर्शी शिवलिंग है. इसके बारे में मान्यता है कि इसकी नियमित पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
भक्तों के अनुसार शिव पुराण में भी स्फटिक के शिवलिंग का कई जगह उल्लेख है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि स्फटिक शिवलिंग अभिषेक करने से व्यक्ति की संपूर्ण इच्छाएं पूर्ण होती हैं. स्फटिक के शिवलिंग के दर्शन मात्र से मनुष्य का कल्याण, सुख और शांति होती है. दुनिया में प्राकृतिक स्फटिक शिवलिंग बहुत से मंदिरों में देखने को मिलते हैं.
अयोध्या पीठाधीश्वर ने की थी स्थापना
रामधाम आश्रम के महंत लक्ष्मणदास ने इस मंदिर में स्थापित स्फटिक शिवलिंग के बारे में बताया कि अयोध्या राम मंदिर के बड़े पीठाधीश्वर अवधेशाकुमाराचार्यने काफी समय पहले महाशिवरात्रि के दिन वैदिक मंत्रोच्चार कर इस स्फटिक शिवलिंग की यहां स्थापना की थी. यह बिल्कुल पारदर्शी शिवलिंग है. इसके आर-पार देखा जा सकता है. स्फटिक शिवलिंग को कांचमणि कहा जाता है.
महंत लक्ष्मणदास ने बताया कि मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान सफेद रत्न समान स्फटिक शिवलिंग निकला था. सावन के महीने में इस शिवलिंग की पूजा करने व दर्शन करने से धन व यश की प्राप्ति होती है.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. न्यूज़ 18 लोकल किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है)
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FIRST PUBLISHED : May 08, 2023, 12:41 IST








