Pithoragarh News : पिथौरागढ़ की जनता को पासपोर्ट के लिए लगानी पड़ती है 100KM की दौड़, मंत्रियों का वादा अब तक अधूरा

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हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के लोगों की पासपोर्ट कार्यालय की मांग सालों बाद भी अधर में लटकी हुई है. उन्हें पासपोर्ट बनवाने के लिए अल्मोड़ा, हल्द्वानी, देहरादून के चक्कर लगाने पड़ते हैं.

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और स्मृति ईरानी की घोषणाओं के बाद पिथौरागढ़ के लोगों को यहां पासपोर्ट ऑफिस खुलने की उम्मीदें जगी थी, लेकिन स्वीकृति मिलने के तीन साल बाद भी यहां अब तक पासपोर्ट ऑफिस नहीं खुल पाया है, जिससे यहां की जनता को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है. सीमांत की जनता को पासपोर्ट बनाने अन्य जिलों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें करीब तीन दिन का समय लग रहा है, जो जनता के समय के साथ साथ धन की भी बर्बादी है. सबसे नजदीकी केंद्र करीब 100 किलोमीटर दूर अल्मोड़ा है.

आज से 15 साल पहले पिथौरागढ़ जनपद में ही पासपोर्ट बना करते थे लेकिन सरकारें बदलती गईं और फैसले भी बदलते गए. जिसके बाद से पासपोर्ट सिर्फ देहरादून में बनने लगे. 2018 में पहाड़ के लोगों को राहत देने के लिए अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के हल्द्वानी में तो पासपोर्ट ऑफिस शुरू हो गया लेकिन पिथौरागढ़ में सिर्फ डाकघर से संचालित होने की स्वीकृति मिली. डाकघर अधिकारियों से जब इस विषय पर जवाब मांगा गया, तो उन्होंने पिथौरागढ़ के डाकघर में जगह की कमी को पासपोर्ट ऑफिस नहीं बन पाने का कारण बताया.

2018 में केंद्रीय मंत्री ने की थी घोषणा
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश पंत ने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद में पासपोर्ट कार्यालय की मांग लंबे समय से चली आ रही है. वर्ष 2018 में केंद्रीय मंत्री वीके सिंह की घोषणा के बाद सीमांत के लोगों की उम्मीद परवान चढ़ने लगी थी. लोगों को लगा कि अब उन्हें पासपोर्ट कार्यालय के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ नहीं लगानी होगी, लेकिन पासपोर्ट कार्यालय का निर्माण कार्य अभी तक नहीं होने से लोग खासे परेशान हैं.

जनपद में नहीं है पासपोर्ट कार्यालय
पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने पासपोर्ट कार्यालय न खोले जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सांसद अजय टम्टा ने भी यहां पासपोर्ट दफ्तर खोलने की बात कही थी लेकिन अभी तक नतीजा सिफर है.जनपद में पासपोर्ट कार्यालय नहीं होने से लोगों को या तो अल्मोड़ा का रुख करना पड़ रहा है या फिर देहरादून आवाजाही करने में ही जनता का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है. उनकी मांग है कि सरकार इसपर जल्द निर्णय ले और जिले की जनता को राहत प्रदान करे.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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