Good News :इस जेल के कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी, जेल में समाचार से लेकर मनोरंजन के पूरे इंतजाम

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 गुलशन सिंह/ बक्सर. अब सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को जेल रेडियो की सुविधा बहुत जल्द मिलने वाली है. जेल में बंदियों की सुबह की शुरुआत देश प्रेम व भक्ति भाव वाले मधुर गीतों से होगी. इसके अलावा उनकी स्वरचित कविताएं व गीतों के साथ जेल में दिन भर होने वाली गतिविधियों को समाचारके माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे. रोजाना शाम को भी यह प्रसारण होगा. बंदियों की जीवन दशा में बदलाव के लिए स्थापित इस जेल रेडियो में बंदी स्वयं रेडियो जॉकी की भूमिका निभाएंगे. इसके लिए दोष सिद्ध बंदियों की एक टीम बनेगी. जिनकी भाषा और सुर दोनों अच्छा होगा. जेल रेडियो की शुरुआत के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. हर कक्ष में स्पीकर लगाए गए हैं. जिसके माध्यम से हर दिन सुबह और शाम दो-दो घंटे कैदी रेडियो के माध्यम से स्वस्थ मनोरंजन पा सकेंगे. जल्द ही इसका विधिवत उद्घाटन होने वाला है. इसके बाद यह पूरी तरह से कार्य करने लगेगा. कैदियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा भरने के लिए बिहार के सभी 59 जेलों के साथ ही बक्सर केंद्रीय कारागार में यह पहल की जा रही है. यह एफएम रेडियो की तरह ही काम करेगा और इसकी परिधि पूरा जेल परिसर होगा.

बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को लेकर हैं यह पहल

कारा अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि बक्सर केंद्रीय कारा के साथ-साथ प्रदेश की प्रत्येक कारा अब सुधार गृह भी बन गया है. यहां रह रहे कैदियों को विभिन्न रोजगार परक प्रशिक्षण, खेलकूद तथा अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाता है, ताकि यहां से निकलने के पश्चात वह अपनी जिंदगी को बेहतर ढंग से जी सके. समय-समय पर कैदियों के बीच योग और ध्यान आदि का प्रशिक्षण सत्र भी चलाया जाता है. जिससे कि वह जाने-अनजाने में किए गए अपने अपराध का प्रभाव अपने मन-मस्तिष्क पर कम कर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कर सके. वहीं कारा एवं सुधार विभाग के द्वारा बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करने के लिए यह पहल की जा रही है.

डीएम करेंगे जेल रेडियो की विधिवत शुरूआत

कारा अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही डीएम के माध्यम से जेल रेडियो का विधिवत उद्घाटन कराया जाएगा. इसके बाद से कैदियों के लिए यह सुविधा शुरु हो जाएगी. जेल रेडियो के प्रसारण के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां सुबह और शाम कोई भी कैदी पहुंचकर गीत, भजन, कहानी, कोई रोचक प्रसंग, चुटकुला आदि भी सुना सकेंगे. उनके लिए दो घंटे सुबह, दो घंटे शाम नियंत्रण कक्ष खोला जाएगा. जहां बैठकर वह अपनी बातें स्पीकर के माध्यम से जेल के कोने-कोने तक पहुंचा सकेंगे.

Tags: Bihar News, Buxar news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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