
हाइलाइट्स
100 ग्राम दही में 3.5 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा कई अन्य तरह के पोषक तत्व इसमें मौजूद होते हैं.
आयुर्वेद में यह भी माना जाता है कि दही गठिया के दर्द को और अधिक बढ़ा देता है.
Curd Side Effects: दही बेहद फायदेमंद खाद्य पदार्थ है. दही दूध से बनता है, इसलिए हसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दूसरी ओर यह बैक्टीरिया के कारण फर्मेंटेड हो जाता है जिसके कारण दही में कई फायदेमंद चीजें शामिल हो जाती है. दही प्रोबायोटिक्स का बहुत बड़ा स्रोत है. यह गुड बैक्टीरिया की संख्या को बहुत अधिक बढ़ा देता है. दही में कैल्शियम, विटामिन बी 12, पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. 100 ग्राम दही में 3.5 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा कई अन्य तरह के पोषक तत्व इसमें मौजूद होते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि दही उत्तम क्वालिटी वाला प्रोबायोटिक है. यानी इसमें गुड बैक्टीरिया भरे पड़े रहते हैं.
इतना कुछ होने के बावजूद कुछ लोगों को दही का ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. आयुर्वेद में कहा जाता है कि दही भारी चीज है जिसका ज्यादा सेवन पेट में गैस और ब्लॉटिंग की समस्या को बढ़ाता है. पर एलोपैथ में इसे लेकर क्या कहा गया है, इसपर हमने अपोलो अस्पताल, बेंगलुरु में चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रियंका रोहतगी से बात की.
क्या सच में गैस-ब्लॉटिंग को बढ़ाता है दही
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि आयुर्वेद में यह बताया जाता है कि दही भारी चीज है जिसका ज्यादा सेवन करने से जिन लोगों को पहले से पेट की समस्या हैं, उन्हें नुकसान पहुंचाता है. इससे गैस और ब्लॉटिंग की समस्या बढ़ जाती है. लेकिन एलोपैथ में इस तरह की चीजों पर कोई स्टडी सामने नहीं आई है. बल्कि हम इसे प्रोबायोटिक्स का बेहतरीन स्रोत मानते हैं. इसमें बहुत ज्यादा गुड बैक्टीरिया होता है जो गट हेल्थ को बेहतर बनाता है. इसलिए वेट लॉस में हम लोग दही खाने की सलाह देते हैं. वैसे ऑवरऑल दही से कोई नुकसान नहीं होता है. जिन लोगों को पहले से ब्लॉटिंग या गैस की समस्या हैं, उन्हें दही और अधिक परेशान कर सकता है लेकिन बहुत कम लोगों के साथ ऐसा होता है. डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि अगर उन्हें लगता है कि दही से नुकसान हो रहा है तो उन्हें दही में हींग का छौंक लगाकर खाना चाहिए.
गठिया के दर्द में
आयुर्वेद में यह भी माना जाता है कि दही गठिया के दर्द को और अधिक बढ़ा देता है. यानी दही खाने से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है. यूरिक एसिड ज्यादा होने से यह प्यूरिन में टूट जाता है. प्यूरिन जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है. डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि दही का गठिया के दर्द से कोई संबंध नहीं है. दही खाने से गठिया का दर्द नहीं बढ़ता. एलोपैथ में इसका कोई जिक्र नहीं है.
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Tags: Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : April 28, 2023, 05:40 IST








