आज का पंचांग 7 मई 2023: आज सूर्य देवता को करें प्रसन्न, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी, जानें शुभ समय, राहुकाल और दिशाशूल

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

जिनकी कुंडली में सूर्य दोष है, उन्हें सूर्य देव की पूजा करने से लाभ होता है.
रविवार व्रत रखकर पूजा-अर्चना करने से यश और बल की प्राप्ति होती है.

आज का पंचांग, 7 मई 2023 (Aaj Ka Panchang): आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देवता को समर्पित माना जाता है. इस दिन व्रत रखकर सूर्य देव की विधि-विधान के साथ पूजा करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं. शास्त्र और पुराणों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है, क्योंकि सूर्य देवता पूरी पृथ्वी को रोशनी प्रदान करते हैं. सूर्य देव की पूजा करने से यश और बल की प्राप्ति होती है. जिन लोगों की जिंदगी में परेशानियों का दौर चल रहा है, उन्हें सूर्य देवता की पूजा जरूर करनी चाहिए. ऐसा करने से उनके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे और जिंदगी में खुशहाली आ जाएगी. सूर्य देव की पूजा विधि भी काफी आसान है और सूर्य देव जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. वे अपने भक्तों पर खूब कृपा बरसाते हैं.

सूर्य देव का व्रत रखने के लिए आप रविवार के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं और अपने दैनिक कार्य से निवृत हो जाएं. इसके बाद स्नान करके तांबे के बर्तन में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. अर्घ्य देते समय सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें. दिनभर आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके बाद आप किसी मंदिर में जाकर सूर्य देव को फूल चढ़ाएं और दीपदान करें. ऐसा करने से बल, बुद्धि और पराक्रम की प्राप्ति होती है. सच्चे मन से मंत्र का जाप करने और अर्घ्य लगाने से सूर्य देव प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. कुंडली में सूर्य की दशा खराब हो तो आपको सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने से लाभ मिलेगा. इससे आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे और जिंदगी में अपार सफलता मिलेगी.

7 मई 2023 का पंचांग
आज की तिथि – द्वितीया
आज का करण – तैतिल
आज का नक्षत्र – अनुराधा
आज का योग – परिघ
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का वार – रविवार
आज का दिशाशूल – पश्चिम

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:36:01 AM
सूर्यास्त – 18:59:46 PM
चन्द्रोदय – 20:56:59
चन्द्रास्त – 06:28:00
चन्द्र राशि– वृश्चिक

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शोभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:23:45
मास अमांत – वैशाख
मास पूर्णिमांत – ज्येष्ठ
शुभ समय – 11:51:06 से 12:44:41 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 17:12:36 से 18:06:11 तक
कुलिक– 17:12:36 से 18:06:11 तक
कंटक– 10:03:56 से 10:57:31 तक
राहु काल– 17:19:18 से 18:59:46 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 11:51:06 से 12:44:41 तक
यमघण्ट– 13:38:16 से 14:31:51 तक
यमगण्ड– 12:17:53 से 13:58:22 तक
गुलिक काल– 15:38:50 से 17:19:18 तक

Tags: Astrology, Dharma Aastha

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें