
अमित सिंह /प्रयागराज : उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में जुलाई सत्र से ही नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई कराई जाएगी. इसका प्रस्ताव बनाकर यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेज दिया गया है. मंजूरी मिलते ही जुलाई 6 से ही पठन-पाठन का कार्य इस पद्धति से शुरू कर दिया जाएगा.
नई शिक्षा नीति की खास बात यह है कि पाठ्यक्रमों में जितनी पढ़ाई होगी, विद्यार्थियों को उतनी डिग्री मिलने का प्रावधान है . यानी 1 वर्ष के लिए उन्हें सर्टिफिकेट, दूसरे साल के लिए डिप्लोमा और तीसरे साल के लिए डिग्री प्रदान कर दी जाएगी. सभी क्षेत्रीय केंद्रों उनसे संबंध सभी 1300 अध्ययन केंद्रों पर नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की तैयारी की गई है.
शैक्षणिक कार्यक्रम जुलाई सत्र से शुरू
कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शैक्षणिक कार्यक्रम जुलाई सत्र से शुरू करने के लिए यूजीसी के पास प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलने के बाद शिक्षण कार्य शुरू हो जाएगा. छात्र छात्राओं को इससे निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा. बीच सत्र में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को पहले कोई सर्टिफिकेट नहीं मिलता था, अब इससे उनको लाभ मिलेगा. जबकि पहले ऐसी सुविधा नहीं थी, ऐसे में कई विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल भी उठता था.








