Begusarai News : हरमन-99 किस्म के सेब का बेगूसराय में हो रहा है उत्पादन, जानिए उत्पादन क्षमता और कमाई

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नीरज कुमार/बेगूसराय: हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर दुनियाभर में सेब की खेती के लिए जाने जाते हैं. अब इस श्रेणी में बिहार भी शामिल हो गया है. बिहार के कई जिले में भी सेब की खेती किसानों ने शुरू कर दी है. बिहार सरकार के उद्यान विभाग ने सेब की नई किस्म हरमन-99 की खेती कराने के लिए बेगूसराय जिले को भी शामिल किया है. जिसके बाद बेगूसराय में सेब की बागवानी शुरू हो गई है.

इसी कड़ी में बेगूसराय के नावकोठी प्रखंड के वनद्वार के किसान राजेश भी सेब की खेती करने वाले किसानों में शामिल हो गए हैं. राजेश ने 15 महीने पहले हिमाचल प्रदेश से हरमन-99 किस्म के सेब का पौधा मंगाकर उद्यान विभाग के सहयोगसेबागवानी से शुरू की. राजेश ने बताया कि उद्यान विभाग के द्वारा 250 पौधे एक हेक्टेयर में लगाने के लिए उपलब्ध कराया गया. राजेश को बेगूसराय के किसान अब एप्पल मैन कह कर बुलाते हैं.

एक हेक्टेयर में सेब की खेती शुरू करने में लगा 23 हजार
राजेश ने अपने क्षेत्र की बागवानी में 250 सेब के पौधे लगाया है. एक पौधे की कीमत औसतन 100 रुपए है. पौधे पर वह सिर्फ जैविक खाद का उपयोग कर रहे हैं. सेब का एक पेड़ से तीन साल में लगभग 50 किलो फल आता था. हालांकि पहले साल 20 किलो तक सेब फलने का अनुमान है. राजेश ने बताया कि 250 सेब के पौधे को लगाने में 23 हजार एक साल में खर्च करनी पड़ी.

उद्यान विभाग की ओर से इसमें 10 हजार का अनुदान भी मिला है. राजेश के मुताबिक, उनके सेब के बाग को देखकर अन्य किसान भी इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं. किसान जानकारी भी हासिल कर रहे हैं. राजेश से किसान सेब के पौधे लेकर जा रहे हैं. उन्होंने आगे बताया कि इन पौधे में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर हिमाचल प्रदेश के हरमन शर्मा से अपनी जानकारी साझा करते हैं. वे उपचार का तरीका बताते हैं.

उत्पादन क्षमता बढ़ने से कमाई भी हो जाती है डबल
किसान राजेश कुमार ने बताया एक एकड़ में सेब की खेती कर रहे हैं. अभी 250 के आस-पास पौधे हैं. सेब का पौध एक साल में फल देना शुरू कर देता है. जबकि दूसरे साल में लागत निकाली जा सकती है. वहीं एक पौधा 25 साल तक फल देता है. साथ ही वह बताया कि सेब का एक पेड़ पहले साल में 10 से से 15 किलो तक फल आसानी से देता है.

वहीं दूसरे साल में 50 किलो तक देता है. इसी तरह साल दर साल उत्पादन की क्षमता बढ़ती जाती है. सेब के बाग से पहले साल 2 से 3 लाख रुपए की आमदनी होती है. जबकि हर साल आमदनी डबल होती चली जाती है. वहीं जिले में सेव 150 किलो बिक रहा है. जिले में उत्पादित सेब कीमतों में गिरावट लाने में भी मददगार साबित होगा.

Tags: Agriculture, Begusarai news, Bihar News, Farming

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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