*अलीपुर जीता में खुलेआम इलाज का आरोप, प्रधान की लिखित शिकायत भी ठंडे बस्ते में विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल*
*कौशाम्बी* अलीपुर जीता में संचालित बताए जा रहे कथित अवैध अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। ग्राम प्रधान रहबर खान की ओर से अस्पताल के संबंध में लिखित शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने से विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।आरोप है कि अस्पताल में मरीजों का इलाज किया जा रहा है और उपचार के नाम पर उनसे रकम वसूली जा रही है। यदि अस्पताल के पास उपचार से संबंधित जरूरी वैधानिक अनुमति और योग्य चिकित्सकीय स्टाफ है तो विभाग जांच कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा और यदि शिकायत सही है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुईसबसे बड़ा सवाल यह है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच करना जरूरी क्यों नहीं समझा क्या विभागीय अधिकारियों को किसी अप्रिय घटना का इंतजार है क्या शिकायतकर्ता को कार्रवाई के लिए बार-बार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगेस्थानीय लोगों में यह चर्चा भी है कि आखिर ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने में विभाग को परेशानी क्या है। क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का दबाव है या विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही हैअब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग शिकायत को गंभीरता से लेकर अस्पताल की पंजीयन स्थिति, संचालक की योग्यता चिकित्सकीय स्टाफ, दवाओं और मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करता है या फिर मामला शिकायतों और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।








