शत्रुतापूर्ण न होकर सहयोगात्मक, तनावमुक्त और बिना खर्च वाली प्रक्रिया एडीआर- डॉ. दिवाकर

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कौशाम्बी–

दिनांक 16.09.2026श्री हरिराज कष्णा देवी इण्टरमीडिएट कॉलेज, चरवा तहसील-चायल जनपद कौशाम्बी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्त्वावधान में ए०डी०आर० तंत्र के प्रावधान और लाभ, विशेष रूप से मध्यस्थता और लोक अदालत विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए ममता दिवाकर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं, केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्तियों, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, अटल आवासीय विद्यालय योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
साथ ही किसी भी तरह की विधिक सेवाओं के लिए टोल फ्री नंबर 15100, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076, चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, पॉक्सो अधिनियम आदि के बारे में भी बताया।
डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने
एडीआर मैकेनिज्म के बारे में बताते हुए कहा कि ए डी आर (अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिसोल्यूशन) अर्थात वैकल्पिक विवाद समाधान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत अदालतों के लंबे और महंगे मुकदमों में जाए बिना आपसी सहमति से विवादों का समाधान किया जाता है।
यह प्रक्रिया आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए न्याय पाने को आसान तो बनाती ही है साथ ही
कोर्ट की लंबी फीस और वकीलों के महंगे खर्च से राहत भी दिलाती है। एडीआर की पूरी प्रक्रिया शत्रुतापूर्ण न होने सहयोगात्मक, तनावमुक्त और लचीले माहौल में पूर्ण होने के कारण पारिवारिक और व्यावसायिक रिश्ते टूटने से भी बचाती है।
आम जन मानस अपने मामले के निपटान हेतु
मध्यस्थता या लोक अदालत का आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
पारिवारिक, आर्थिक, श्रम संबंधी मामले, बैंक लोन, चेक, बिजली, पानी, टेलीफोन बिल, संपत्ति के छोटे-मोटे विवाद आदि से जुड़े मामले लोक अदालत के जरिए निपटाने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन दे सकते हैं। इस हेतु प्रत्येक तहसीलों में कार्यरत पीएलवी/अधिकारमित्र तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
न्यायालय में चल रहे मामलों को भी न्यायाधीश की अनुमति से मध्यस्थता केंद्र भेजा जा सकता है, या आमजन सीधे किसी पेशेवर मध्यस्थ की भी मदद ले सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन जय प्रकाश त्रिपाठी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन वी के पाण्डेय ने दिया। इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाएं विश्वरूप त्रिपाठी, अजीत सिंह यादव, पंकज कुमार, सरोज, रीति, सुनैना, महक और क्षेत्रीय लेखपाल निर्दोष कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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