जौनपुर में कागजों पर सड़क बनाकर 26.58 लाख का हो गया भुगतान,*

 

*जौनपुर में कागजों पर सड़क बनाकर 26.58 लाख का हो गया भुगतान,*

DM का बेतुका बयान : *PWD लाखों करोड़ों में काम करता है, ये 25-30 लाख की बहुत छोटी सी चूक है, इसके लिए सरकार की छवि नहीं खराब करनी चाहिए*

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कागजों पर सड़क बनाकर 26.58 लाख रुपए भुगतान किए जाने का मामला सामने आने के बाद सपा विधायक की शिकायत पर PWD विभाग को मजबूरी में सड़क बनानी पड़ी है। हैरत की बात तो ये है कि बिना काम कराए ही भुगतान होने के मामले में दोषियों पर कार्रवाई के बाबत जब जौनपुर के जिलाधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने जो बेतुका दिया उसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।

जी हां, जौनपुर के जिलाधिकारी ने कहा कि PWD में लाखों में नहीं करोड़ों में काम होते हैं। ऐसे में सड़क न बनाकर 25 से 30 लाख रु के भुगतान का मामला बहुत ही छोटा है। इस छोटे मामले में तूल देकर सरकार या जिले की छवि नहीं खराब करनी चाहिए। अब जिलाधिकारी महोदय भ्रष्टाचार की नई परिभाषा जो बता रहे हैं क्या वह सही है। क्या करोड़ों में भ्रष्टाचार हो तभी साहब मानेंगे, अगर उन्हें सरकार की छवि की इतनी ही चिंता सता रही है तो जौनपुर में उनकी ही नाक के नीचे ये सब क्यों हो रहा है, इसके लिए उन्हें कभी चिंता क्यों नहीं हुई। अगर 26 लाख रु के भ्रष्टाचार का मामला डीएम साहब की नजर में बहुत छोटा है तो सोचिए जीरो टॉलरेंस के मामले में जौनपुर की क्या हालत होगी।

दरअसल, जौनपुर में बिना सड़क बनाए ही भुगतान होने के भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बावजूद राजनेताओं जैसा बयान देकर सरकार के प्रति बेहद चिंतित रहने वाले जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह जी हैं। डीएम साहब को शायद ये नहीं पता है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति और उसके दावे क्या हैं। भ्रष्टाचार तो भ्रष्टाचार होता है लेकिन साहब का चश्मा दूसरा है। उनके मुताबिक जिस विभाग में लाखों करोड़ों में काम होता हो वहां 25 से 30 लाख रु का किया गया भ्रष्टाचार महज मामूली सी चूक है। शायद इसलिए उन्हें अपने जिले में PWD द्वारा सड़क बनाने के नाम पर 26.58 लाख रु बिना काम कराए ही भुगतान होने के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ होने के बाद भी ये सामान्य और बहुत छोटा सा मामला लग रहा है।
इतना गैर जिम्मेदाराना बयान किसी सत्ताधारी नेता या कार्यकर्ता का नहीं है बल्कि एक जिलाधिकारी का है, जिन्हें सरकार की छवि की सबसे ज्यादा चिंता है।

*ये है पूरा मामला :*

बता दें कि मुंगराबादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक पटेल ने वित्तीय वर्ष 2023- 24 में PWD को सुजानगंज ब्लॉक के 2300 मीटर लंबे शिवरिहा संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था। विधायक के प्रस्ताव पर विभाग ने सड़क की स्वीकृति देते हुए इसका टेंडर भी एक ठेकेदार को दे दिया था। 26.58 लाख रु की लागत से बनाई जाने वाली इस सड़क को PWD विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने मिलकर कागजों पर बना डाली। कागजों पर सड़क कंप्लीट करके उसका भुगतान भी कर दिया गया।जबकि हकीकत में सड़क बनी ही नहीं।

*विधायक की शिकायत पर खुली भ्रष्टाचार की पोल :*

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2013 के बाद इस सड़क का कभी मरम्मत नहीं हुआ। टूटकर एकदम में गड्ढों में तब्दील हो गई थी। उनके द्वारा जब जर्जर शिवरिहा संपर्क मार्ग को लेकर विधायक पंकज पटेल से उसे बनवाने के लिए कहा जाने लगा तो विधायक ने बताया कि विभाग द्वारा सड़क का टेंडर तो उनके प्रस्ताव पर स्वीकृत करते हुए काफी पहले कराया जा चुका है, सड़क बन भी गई होगी। लेकिन जब विधायक ने ग्रामीणों के साथ जाकर देखा तो सड़क केवल कागज पर बनाकर तैयार कर दी गई थी, उसपर गाड़िया फर्राटे भी भर रही थी। लाखों का टेंडर देकर ठेकेदार द्वारा कागजों पर चमचमाती सड़क बनवाने के बाद जौनपुर के अधिकारियों ने उसका भुगतान भी कर दिया था।

*प्रमुख सचिव से शिकायत के बाद बनाई गई सड़क :*

सपा विधायक पंकज पटेल के प्रस्ताव पर जब सड़क की स्वीकृति करके उसे कागजों पर बनाकर उसका बकायदा भुगतान करा दिया गया, सड़क बनी ही नहीं तो उन्होंने डीएम और PWD सचिव से इसकी शिकायत की। विभाग ने जब इसकी जांच कर रिपोर्ट मांगी तो भ्रष्टाचार की कलई खुल गई। इसके बाद विधायक ग्रामीणों के साथ सड़क को लेकर हंगामा करने लगे। भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद अपनी छीछालेदर बचाने के लिए आनन फानन में PWD विभाग़ के अधिकारियों और ठेकेदार ने मिलकर किसी तरह सड़क बनाई।

*भ्रष्टाचार उजागर के बावजूद DM को सरकार के छवि की चिंता:*

बिना सड़क बनाए ही कागजों पर आल इज वेल दिखाकर 26.58 लाख रु का भुगतान किए जाने के मामले में जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह ने खुद स्वीकार किया कि इस मामले में गलती जरूर हुई है। लेकिन इसमें जूनियर इंजीनियर समेत 3 लोगों पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

DM बोले : *ये बहुत छोटी सी चूक है, इसलिए सरकार की आलोचना नहीं होनी चाहिए*

जौनपुर के जिलाधिकारी ने इतनी बड़ी गलती को न केवल स्वीकार किया बल्कि इसे बहुत छोटी से चूक बताकर बेतुका बयान देते हुए कहा कि PWD लाखों में नहीं करोड़ों में काम करती है। ऐसे में ये केवल 25 से 30 लाख रु के बीच का बहुत छोटा सा मामला है। गलती जरूर हुई है लेकिन ये छोटी सी चूक है। इसलिए छोटी सी चूक में सरकार की या जिले की आलोचना नहीं होनी चाहिए। ये सरकार चाहती है कि इस सड़क पर काम हो, लेकिन कुछ लोग मुद्दा बनाकर सरकार की छवि प्रभावित करना चाहते है। इसलिए सड़क को अब बनवा दिया गया है।

*सपा विधायक बोले :*

हालांकि इस पूरे मामले पर सपा विधायक पंकज पटेल का आरोप है कि ऐसे केवल एक सड़क नहीं है बल्कि 50 से अधिक सड़कें हैं जहां काम किए बगैर कागजों पर भुगतान कर दिया गया है। निष्पक्षता से जांच कराई जाए तो और भी मामले उजागर होंगे। इस सरकार में जीरो टॉलरेंस के नाम पर केवल भ्रष्टाचार और लूट मची है।

 

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Author: Up Head Line

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