मंझनपुर विधानसभा के महेवाघाट में समाजवादी पार्टी की पीडीए जनसभा हुई , जिसमे पूर्व कैबिनेट मंत्री विशम्भर प्रसाद निषाद और सांसद पुष्पेंद्र सरोज शामिल हुए , सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने सभा को संबोधित करते हुए निषाद समाज के अधिकारों के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब निषाद समाज के साथ वादाखिलाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2017, 2019 और 2022 में बार-बार वादा किया कि निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट, कश्यप समेत 17 उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज तक सिर्फ़ आश्वासन ही दिया गया, जमीन पर कोई कदम नहीं उठाया गया।
पुष्पेंद्र सरोज जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 3 करोड़ लोग निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट, कश्यप समाज से हैं, जिनके हक़ को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। अगर निषाद समाज को SC आरक्षण मिलता तो हजारों बच्चों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में बड़ा लाभ होता।

उन्होंने भाजपा सरकार के सहयोगी मंत्री संजय निषाद के हालिया बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने खुद चेतावनी दी कि यदि निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का साथ छोड़ सकते हैं। सांसद ने कहा कि जब खुद भाजपा सरकार का मंत्री जनता को यह सच्चाई बता रहा है तो निषाद समाज को अब धोखे में नहीं रहना चाहिए।
सभा में निषाद समाज के आर्थिक अधिकारों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने निषादों के तालाब और घाट ठेकेदारों और माफियाओं को सौंप दिए, जिससे पारंपरिक रोजगार छिन गया। Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का बजट तो घोषित होता है, लेकिन निषाद परिवारों को मात्र 3% तक ही लाभ मिल पाया है।

सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में निषाद समाज के हित में ठोस काम किया था —
ग्राम पंचायत तालाबों का पट्टा निषाद समाज को दिया गया, मछली पालन समूह बनाए गए, निषाद बस्तियों में सड़क, बिजली, पानी और समाजवादी पेंशन योजना जैसे लाभ दिए गए। हजारों गरीब बच्चों को लैपटॉप बांटे गए ताकि वे आगे पढ़-लिख सकें।
उन्होंने ये साफ कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो पहला काम होगा —
निषाद समाज को SC आरक्षण दिलाना, ठेकेदारों से तालाब छुड़ाकर निषाद परिवारों को पट्टा देना, हर परिवार को नई नाव, जाल और बीज मछली देना और मत्स्य पालन से जुड़े युवाओं को आधुनिक ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराना।
उन्होंने निषाद समाज से अपील की कि भाजपा सरकार से अपने हक़ का हिसाब माँगें — और आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी को मज़बूत करें ताकि निषाद समाज को सम्मान और अधिकार दोनों वापस मिलें।






