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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेवादा के तिल्हापुर मोड़ बाजार में दो महीने पहले स्वास्थ्य विभाग के नियमों को ताक पर रख कर संचालित एक अस्पताल को सीज किया गया था। लेकिन कागजी कोरम पूरा होने के पहले ही अस्पताल संचालित हो रहा है। सीज अस्पताल में मरीजों को इलाज भी किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी डाॅ. हिमांशु की अगुवाई में 23 नवंबर को तत्कालीन पीएचसी प्रभारी डा. मुक्तेश द्विवेदी, नायब तहसीलदार कपिल मिश्र सहित टीम ने स्वास्थ्य विभाग के नियमों को ताक पर रख कर तिल्हापुर मोड़ स्थित संचालित राज अस्पताल को सीज किया था। टीम ने राज अस्पताल में अभिलेखों समेत अस्पताल की जांच किया था। जिसमें अस्पताल के नामित संचालक चिकित्सक समेत कोई डिग्री धारक डाक्टर और स्टाफ नहीं मिले थे। आग बुझाने या बचाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही अभिलेख भी अधूरे थे। जांच के बाद टीम ने अस्पताल के सभी कमरों को सीज कर दिया था। बावजूद इसके कुछ दिनों बाद से ही अस्पताल संचालित है। अस्पताल में मरीजों को बाकायदा इलाज किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों की शह पर संचालक ने स्वयं ही सीज किया गया अस्पताल का ताला खोल कर इलाज करना शुरू कर दिया है। डिग्री धारी चिकित्सक एवं स्टाफ नहीं होने और पर्याप्त सुविधा नहीं होने से मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय कुमार का कहना है कि अस्पताल को सीज किया गया था, लेकिन खुलने की जानकारी नहीं है। इसको दिखवाते हैं। यदि लापरवाही पाई गई तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।






