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लखनऊ में 18 नवंबर से आयोजित बेमियादी धरना को कमजोर करने के लिए चायल सर्किल पुलिस ने इलाके के सभी चौकीदारों को सोमवार की भोर थाने में बुलाकर बैठा लिया। पुलिस ने चौकीदारों को आचार संहिता का हवाला देकर दोपहर में सभी को घर भेज दिया।
ग्रामीण चौकीदार विकास कल्याण समिति उत्तर प्रदेश की ओर से लखनऊ में मानदेय वृद्धि को लेकर 18 नवंबर से बेमियादी धरना का आयोजन किया गया है। कौशाम्बी जनपद के चायल सर्किल अंतर्गत गांवों के 230 चौकीदार राजधानी लखनऊ में आयोजित धरने में शामिल होने के लिए तैयारी कर रहे थे। रविवार को मामले की जानकारी पुलिस के अधिकारियों को हुई तो उनके हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में मीटिंग कर धरने में शामिल होने जाने वाले चौकीदारों को रोकने का प्रयास किया जाने लगा। आधाी रात से ही सर्किल की पुलिस चौकीदारों के घर दस्तक देने लगी। सोमवार भोर सरायअकिल में 104, पिपरी में 38, संदीपन घाट में 40 और चरवा थाने 48 चौकीदारों को बुलाकर बैठा लिया गया। चौकीदारों ने बताया कि पुलिस उन्हें आचार संहिता का हवाला देते हुए लखनऊ धरने में शामिल होने के लिए रोकने लगी। चार घंटे तक थाने में बैठाने के बाद सभी चौकीदारों को उनके घर भेज दिया गया। नाम नहीं छापने के अनुरोध के साथ एक चौकीदार ने बताया कि अल्प मानदेय पर ग्रामीण चौकीदार अपने सेवाएं दे रहे हैं। व्यवस्था में उनका योगदान अहम है, लेकिन, शासन-प्रशासन की नजर में वे हाशिए पर हैं। उनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। कहा कि उन्हें भले ही रोक लिया गया लेकिन बेमियादी धरना निर्णायक साबित होगा।






