वरासत के मामले में कानूनगो पर रिश्वत मांगने का आरोप,

अधिवक्ता से अभ्रदता करने का आरोप लगाकर वकीलों ने तहसील परिसर में किया हंगामा

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चायल तहसील परिसर में शुक्रवार को कानूनगो और अधिवक्ता के बीच विवाद हो गए। विवाद की जानकारी साथी अधिवक्ताओं को हुई तो वह लामबंद हो गए। बैठक के बाद नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे अधिवक्ताओं ने सभी कार्यालय में तालाबंदी कर दी। एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठे अधिवक्ताओं ने कानूनगो के स्थानांतरण होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।

चरवा थाने के सैयद सरांवा निवासी अलकमा उस्मानी पेशे से अधिवक्ता हैं। वह चायल तहसील में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने चायल कस्बे के एक वरासत का आवेदन किया था। लेखपाल से रिपोर्ट लगने के बाद आवेदन भरवारी कानूनगो सुरेंद्र सिंह के पोर्टल पर गया था। शुक्रवार को उसी वरासत की स्थित जानने के लिए अधिवक्ता लेखपाल कक्ष में पहुंचकर कानूनगो सुरेंद्र सिंह से जानकारी करने लगे। आरोप है कि वरासत की रिपोर्ट लगाने के एवज में कानूनगो ने बीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। देने से इंकार करने कर विवादित कर देने की धमकी दी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद की जानकारी मिलते ही साथी अधिवक्ता लामबंद हो गए। बॉर एसोसिएशन चायल के महामंत्री राजेश्वर यादव की अध्यक्षता में बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जुलुूस निकालकर नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर के सभी कार्यालय में तालाबंदी कर दी। एसडीएम कार्यालय के बाहर अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। अधिवक्ता कानूनगो के स्थानांतरण होने तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इस मौके पर भुवन सिंह, दस्सू सिंह, कुंवर श्याम, मो.आमिर, एहसान बाबू, मोहर सिंह, रामनरेश पटेल, बालकरन, विजय तिवारी, नूरुत जमां, मो.शाहरुख, आशीष शुक्ला, रिंकू पासी, शिवम ओझा और मो.सुल्तान आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।

क्या बोले राजस्व निरीक्षक 

वहीं इस संबंध में कानूनगो भरवारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि दो दिन पहले ही फाइल मेरे पास आई हैं अधिवक्ता बिना जांच किए ही वरासत की जबरन रिपोर्ट लगवाने का प्रयास कर रहे थे। बिना जांच किए रिपोर्ट लगाने से इंकार करने पर विवाद करने लगे। रिश्वत मांगने का आरोप जबरन लगाया जा रहा है।

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Author: Up Head Line

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