पैगम्बर की शान में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर.बर्दाश्त नहीं

अमेठी

पैगम्बर की शान में गुस्ताखी किसी भी कीमत पर.बर्दाश्त नहीं : जिस तरह से लगातार मुसलमान के खिलाफ नफरत की बोल बोले जा रहे हैं इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा सैयद जमाल अशरफ जायसी

सैयद जमाल अशरफ नायाब सज्जदा नसीन दरगाह जायस शरीफ ने महाराष्ट्र में एक नफरत के समर्थक और वैचारिक आतंकवादी रामगिरि महाराज नामक व्यक्ति द्वारा पैगम्बरे इस्लाम की शान में शदीद गुस्ताखी पर सख्त गम और गुस्से का इजहार किया है उन्होंने कहा कि ऐसे समाज को तोड़ने का प्रयास करने वाले व्यक्ति पर महाराष्ट् सरकार भारत सरकार को सख़्त कानून बनान चाहिए ताकि लोगों में व्याप्त रोष को रोका जा सके उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों में एक चलन सा चल निकला है कि कोई भी वैचारिक आतंकवादी उठता है और सीधे हमारे नबी की शान में गस्ताखी कर देता है और उसे पता है कि इस तरह वह सस्ती लोकप्रियता और सत्ता का संरक्षण प्राप्त कर लेगा लेकिन अब हद हो चुकी है सत्ता को समझना होगा कि यदि यह वैचारिक आतंकवाद नहीं रोका गया तो इसका गंभीर परिणाम होगा क्योंकि इस प्रकर की घटनाओं से लोगों का कानन व्यवस्था में विश्वास उठाता जाएगा संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा सिरफ इतना ही नहीं नफरती बोलों पर सभ्य समाज की चृप्पी भी चिंतनीय है अगर यह चुप नहीं टूटैतो यह वैचारिक आतंकवादी अपनी हद से ऐसे ही गुजरते रहने और परिणाम अराजकता ही होगा क्योंकि जब कानून अपना कार्य सही ढंग से नहीं करता और सिस्टम में इंसाफ कमजोर हो जाता है तो उससे अराजकता पनपती है हजरत ने कहा कि रामगिरि ने सिर्फ पैगम्बर पर टिप्णी नहीं की है उसने ऐसा करके श्री राम के नाम को गंदा किया है क्योंकि मैं समझता हैं अगर यह व्यक्ति धार्मिक होता तो कभी ऐसी गस्ताखी नहीं करता ।हजरत ने सभी सेक्युलर लोगों आगे आकर ऐसे कत्य का कड़ा विरोध करने का आह्वान किया और सरकार से सख्त ईशनिंदा कानन बनाने की माँग दोहराई उन्होंने कहा कि हम लगातार माँग करते आ रहे हैं कि
कठोर निंदा कानन बनाया जाये हजरत ने कहा ऐसे समय में जब भारत के पड़ोसी देशों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है और दुनिया ताकते भारत में वही माहौल बनाना चाह रही हँ तो यह वैचारिक आतंकवादी उनका सहयोग कर रहे हैं ताकि देश में संप्रदायिक दोहों और अस्थिरता फैले सरकार को इसे गंभीरता से देखना चाहिए हजरत ने लोगों से भी लोकतात्रिक तरीक से विरोध करने की बात कही और इन वैचारिक आतंकियों की चाल में फँसने से बचने की अपील की उन्होंने कहा अदालतों का रुख करते हुए ऐसे लोगों को कड़ी सजा दिलवाने की हर कोशिश करनी चाहिए लेकिन हिंसा किसी चीज का हल नहीं है इसका ख्याल रखा जाना चाहिए किसी भी कीमत पर कानन के खलिाफ जाकर कम करने की ज़रूरत नहीं है वल्कि लोकतॉंत्रिक तरीके से कानन का सम्मान करते हुए कड़ा विरोध दर्ज करना चाहिए देश के हर कोने में ऐसे लोगों के खलिाफ एफ.आई.आर दर्ज कराई जानी चाहिए और सरकार से ईशनिंदा कानन बनाये जाने की मॉग करनी चाहिए इस आशय का ज्ञापन भेजा जाना चाहिए अदालतों का दरवाजा भी खटखटाना चाहिए बोर्ड द्वारा ग्रह मंत्री को महाराष्ट् सरकार को आदेश करने के लिए पत्र लिखा गय है कि इस वैचारिक आतंकवादी की तुरंत गिरपतारी हो यदि ऐसा नहीं होता तो बोर्ड सर्वोच्च न्यायालय का दखवाजा भी खटखटययेगा

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Author: Up Head Line

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