सीएमओ के डाटा एंट्री ऑपरेटर का पलटवार बोला, फाइल अफसरों ने गायब की और मुझे फंसा रहे… डीएम चेक करवा लें कैमरा

सीएमओ के डाटा एंट्री ऑपरेटर का पलटवार बोला, फाइल अफसरों ने गायब की और मुझे फंसा रहे… डीएम चेक करवा लें कैमरा

जिलाधिकारी कार्यालय से फाइल चोरी होने का मामला

ऑपरेटर ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल की चिट्ठी

हिमांशु भट्ट/मो. यासीन

कौशांबी : जिलाधिकारी कार्यालय से चोरी हुई फाइल के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर ने सोशल मीडिया पर चिट्ठी वायरल कर खुद को निर्दोष बताया। साथ ही यह भी कहा की उसे फंसाने की साजिश की गई है।
राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के शुभारंभ के मौके पर 10 अगस्त को जिलाधिकारी कार्यालय में एक कार्यक्रम रखा गया था। इसी दिन कलक्टर कार्यालय से फाइल चोरी हुई। मंझनपुर कोतवाली में शनिवार को दर्ज कराई गई एफआईआर में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सिंह ने आशंका जताई है कि यह फाइल स्वास्थ्य विभाग की है। सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया है कि फाइल चुराने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि सीएमओ ऑफिस में कार्यरत पीसीपीएनडीटी डाटा एंट्री ऑपरेटर महेंद्र द्विवेदी है। मुकदमा लिखे जाने के बाद ऑपरेटर ने रविवार को सोशल मीडिया में चिट्ठी जारी की। इसमें लिखा है कि उस दिन वह उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील के कहने पर जिला स्वास्थ्य समिति की फाइल लेकर जिलाधिकारी कार्यालय गए थे। उनके कहने पर ही फाइल पहले वहां के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दी। फिर उससे फाइल लेकर पुनः डॉ. सुनील को दे दी। डॉ. सुनील फाइल अपने साथ लेकर चले गए थे। अब फंसाने के लिए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ऑपरेटर ने जिलाधिकारी से उनके कार्यालय में लगे सीसीटीवी का फुटेज देखने के बाद ही एक्शन लेने की मांग की है।
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ये कैसे… पता ही नहीं किसकी थी फाइल

दर्ज कराई गई एफआईआर में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सिंह ने साफ नहीं किया है कि फाइल किसकी थी। लिखा है कि फाइल स्वास्थ्य विभाग की होने की संभावना है। आशंका के आधार पर मुकदमा दर्ज करवाना किसी को भी हजम नहीं हो रहा है। जबकि, वायरल की गई चिट्ठी में ऑपरेटर ने साफ किया है कि फाइल जिला स्वास्थ्य समिति की थी। वहीं, फाइल चोरी होने के हफ्ते भर बाद एफआईआर करवाना भी हर किसी के समझ से परे है ।
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ऑपरेटर के पास सारा डाटा फिर क्यों चोरी करेगा फाइल

डाटा एंट्री ऑपरेटर का कहना है कि जिस फाइल की चोरी का आरोप लगाया जा रहा है, उसमें सिर्फ डाटा रहता है। यह डाटा ऑपरेटर के कंप्यूटर में सुरक्षित रहता है। फिर वह फाइल क्यों चोरी करेगा, यह सवाल पुलिस भी उप मुख्य चिकित्साधिकारी से करने का मन बना चुकी है।
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इनकी सुनिए

प्रकरण में एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। पुलिस की जांच में साबित हो जाएगा कि फाइल किसने किस इरादे से चोरी की। अधिक जानकारी पुलिस अधिकारी ही दे सकते हैं।
डॉ. राहुल सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
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ऑपरेटर का दर्द

फाइल विभाग के अधिकारियों ने ही गायब की है। जिलाधिकारी कार्यालय का सीसीटीवी फुटेज देखा जाए तो असलियत सामने आ जाएगी। मुझे फंसाया जा रहा है। इतना तनाव दिया जा रहा है कि लगता है आत्महत्या कर लूं।
महेंद्र द्विवेदी, ऑपरेटर

Up Head Line
Author: Up Head Line

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