कौशांबी जिले के मुख्यालय मंझनपुर से 30 किलोमीटर दूर एक गाव चरवा थाना क्षेत्र मे है। यहाँ एक बेहद गरीब परिवार सुरेश (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी कुशाला (परिवर्तित नाम) के साथ रहता है। गरीबी अशिक्षा के अंधकार मे डूबे दंपत्ति से एक के बाद एक 7 बच्चो ने जन्म लिया। दंपत्ति बच्चो के लिए निवाला जुटाने की कोशिस मे उन्हे शिक्षा देना भूल गए। मौजूदा समय मे 2 बेटे 3 बहनो की शादी मे हुये कर्ज को उतारने के लिए दिल्ली मुंबई मे मेहनत मजदूरी करते है। अभी परिवार की 2 बेटियाँ नाबालिग होने के चलते घर मे ही रहती है। छठवे नंबर की बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। कष्ट भरी जीवन शैली होने के बाद भी यह मजदूर परिवार अपने घर मे सुकून सुख की रोटी खाकर जीवन गुजार रहा था। लेकिन इनकी खुशियो को किसी की नज़र लग गई।
आज से 5 साल पहले परिवार की 5वें नंबर की बेटी शादी के बाद शराबी पति राजन के जुल्म को न सह सकी। वह ससुराल मे किसी अज्ञात लड़के के साथ अपने दुधमुहे बच्चे को छोड़ कर भाग गई। उसने अपनी नहीं दुनिया बसा ली है। दुष्कर्म पीड़ित की माँ के मुताबिक, बेटी के ससुराल छोड़ कर भागने के बाद उसके दुध पीते बच्चो को उनके अपने घर (ननिहाल) मे लाकर परवरिश करने लगी। दामाद राजन कभी कभार बेटे से मिलने आता था। फरवरी 2023 मे वह और उसके पति काम करने गए थे। पीड़ित बेटी घर पर नाती राम (परिवर्तित नाम) के साथ थी। दामाद ने घर आकार किशोर बेटी से जबरन मुह दबा कर दुष्कर्म किया। बेटी दामाद की हरकत न बता दे इसके लिए उसे डरा कर चुप करा दिया। बेटी की चुप्पी जब तक टूटी तब तक बहुत देर हो गई थी। पहले तो उन्हे दामाद ने बेटी के पेट मे ट्यूमर होने की बात बता कर उन्हे गुमराह किया गया। वह शातिर मेरे साथ भरवारी के एक नीम हकीम से जड़ी-बूटी वाली दवाए खिलाता रहा। लेकिन बेटी के पेट का आकार बढ़ने के सिलसिला बंद तब हुआ जब पीड़ित ने बच्चे को जन्म दिया।
पीड़ित ने बताया, जीजा घर आए तो वह अकेले उनके बच्चे को खाना खिला रही थी। जीजा नशे मे थे, पानी मांगा तो रसोई से निकल कर दूसरे कमरे मे आई, तो जीजा ने मुह दबा लिया। उसके बाद उन्होने उसके साथ गलत काम किया। जीजा ने कहा अगर किसी को तुमने इसके बारे मे बताया तो ले जाकर ट्रेन की पटरी पर फेक कर मार देगे। उसके बाद वह चुप रही माँ-दीदी ने कई बार पूंछा, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया। वह मुझे मार देगा।
पीड़ित माँ ने बताया, उन्हे बेटी के साथ हुई दामाद की हरकत का जरा सा भी अंदाजा नहीं हुआ। बेटी का गर्भ 8 माह का हुआ तो दामाद उसे बड़े अस्पताल मे इलाज कराने के लिए सराय अकिल थाना क्षेत्र के अपने घर लेकर चला गया। जहां के एक निजी जनता पाली क्लीनिक मे दवा कराने लगा। बेटी की हाल खबर लेने पर उन्हे फर्जी अल्ट्रा साउंड की रिपोर्ट दिखाई। समय पूरा होने पर जब अस्पताल मे बेटी ने बच्चे को जन्म दिया तो उनके होश उड़ गए। बिन व्याही बेटी के माँ बनने की खबर ने उन्हे समाज के सामने मुह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। दामाद उनके डर से फरार हो गया।
यह तो रही किशोरी से हुई जुर्म की दस्ता ॥ अब आपको बताते है अपराध के बाद अपराध को छिपाने की कोशिस मे जुर्म की कहानी…
30 नवंबर को सराय अकिल के जनता पाली क्लीनिक मे दुष्कर्म पीड़ित किशोरी (16) ने एक बेटे को जन्म दिया। बेटे के पैदा होते ही परिवार मे मातम पसर गया। नार्मल डिलेवरी होने के चलते पीड़ित को 48 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। लेकिन परिवार बच्चे को अस्पताल मे छोड़ कर अपने घर चला आया। पीड़ित माँ के मुताबिक, उसकी तीसरे नंबर की बेटी (कल्पना) मौजूदा समय मे पेट से है। उसकी डिलेवरी जल्द ही होने वाली है। उन्होने अपनी बेटी कल्पना के पति ने कहा बच्चा अस्पताल मे रहने देते है। जब कल्पना को बच्चा पैदा होगा तो उसे यह कह कर समाज के सामने अपना लेगे कि कल्पना ने जुड़वा बच्चे को जन्म दिया है। इससे उनकी समाज के इज्जत नहीं जाएगी। रेप पीड़ित व एक अन्य बेटी की रिश्ता होने मे कोई अड़चन नहीं आएगी।
रेप पीड़ित किशोरी का बच्चा जनता पाली क्लीनिक मे 30 नवंबर के बाद 6 दिसंबर तक रहा। इस दौरान कल्पना को बच्चा नहीं हुआ। बच्चे को लावारिस समझ कर अस्पताल की एक नर्स अंजु देवी डाक्टर संदीप सरोज व डॉ आशीष मिश्रा के मन मे लालच आ गया। उन्होने बच्चे का सौदा चायल तहसील के एक परिवार से चित्रकूट जनपद के एक दलाल के जरिये 4 लाख रुपये मे तय कर लिया। रुपये लेकर बच्चा परिवार को देने की तैयारी अस्पताल के डाक्टर और नर्स कर ही रहे थे कि चित्रकूट के बिचौलिये ने उसे मिलने वाली रकम को लेकर विवाद शुरू कर दिया। जिसके बाद मामला चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के संज्ञान मे आ गया। सीडबल्यूसी अध्यक्ष कमलेश चन्द्र ने प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया। आनन फानन मे सीडबल्यूसी के सदस्यो के जरिये दुष्कर्म पीड़ित परिवार एवं बच्चे की खरीद फरोख्त से जुड़े लोगो को तलब कर उनके बयान दर्ज किया गया।
सीडबल्यूसी अध्यक्ष कमलेश चन्द्र ने बताया, उन्होने प्रकरण मे पीड़ित किशोरी उसके माता एवं बहन के बयान दर्ज किए है। जिसमे किशोरी के साथ उसके जीजा द्वारा रेप किए जाने, दुष्कर्म के बाद जन्मे बच्चे को लावारिस छोड़ने, एवं अस्पताल के डाक्टरों द्वारा रेप पीड़ित बच्चे का सौदा किये जाने की घटना संज्ञान मे आई। प्रकरण को गंभीरता से लेकर किशोर व बाल संरक्षण अधिनियम 2015 के तहत सुसगत धाराओ मे चरवा पुलिस को प्रकरण मे मुक़द्दमा दर्ज कर जांच करने व दोषियो को सज़ा दिलाये जाने के आदेश जारी किये गए है।






