शिव महापुराण कथा के सातवें दिन बोले कथा वाचक अखिलेश जी महाराज -‘जो दावा करे दुख मिटाने का, वो नकली है

 

कौशांबी साईं मंदिर में चल रहे साईं महोत्सव के पावन पर्व पर आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का सातवाँ एवं अंतिम दिवस पर भगवान शिव जी की शिवलिंग का निर्माण किया गया है। शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन भक्तों का उमड़ा जनसैलाब। कथावाचक अखिलेश जी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का बखान किया. दुख से भरे संसार में साधु संतों के मार्गदर्शन की महत्ता भी बताई. साथ ही कहा, “जो दावा करे दुख मिटाने का, वो नकली है. क्योंकि जो असली है, वो आपके दुखों को मिटाने का दावा नहीं करेगा. वो आपके जीवन को समझाएगा कि इंसान का शरीर संसार में आया है तो दुख मिलेगा. लेकिन भगवान पर भरोसा रखना, सब ठीक हो जाएगा.”

व्यवहार और आचरण से देनी चाहिए प्रेरणा:शिवभक्तों को आचरण की शुद्धता बताते हुए कथावाचक ने कहा कि, “शब्दों से प्रेरणा देने वाला यहां हर कोई मिल जाएगा, लेकिन अपने व्यवहारों और अपने आचरण से प्रेरणा देने की कोशिश करनी चाहिए. जो हम दूसरों को सिखाते हैं, वो स्वयं हमें ग्रहण करना चाहिए. जो राम के आचरण को अपनाएगा वो राम कथा सुनाएगा, जो नारायण की कथा को स्वयं पर उतारे वो उनकी कथा कहेंगे और जो शिव तत्व को अपनाएंगे वो शिव महापुराण सुनाएंगे.”

ईश्वर भक्ति में लीन तपस्वी लोगों से रहते हैं दूर-अखिलेश जी महाराज :कथावाचक अखिलेश जी महाराज ने संत जीवन का बखान करते हुए कहा कि गुरुदेव केवल रास्ता दिखाते हैं, मंजिल तक पहुंचाते हैं. जब कोई घर का बेटा विधायक, सांसद या मंत्री बने या फिर सचिव बने तो वो घर में समय नहीं दे पाता. उसका जीवन उन कामों में लग जाता है. ठीक वैसे ही साधु, संत, तपस्वी जब अपना जीवन शिव भक्ति में, कृष्ण भक्ति में, ईश्वर की भक्ति में लगा दे तो वह लोगों से दूर रहता है. क्योंकि अगर वह लोगों के बीच गया तो उसका ध्यान भक्ति में कैसे रहेगा, इसलिए उन्हें अकेला छोड़ देना चाहिए।

‘जितने भी ग्रह हैं, हर जगह शंकर’: चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की लैंडिग को लेकर कथावाचक ने कहा, “चंद्रयान ने कहा, वहीं भी कंकर है. कंकड़ है मतलब शंकर हैं. संसार में जितने भी ग्रह हैं, हर जगह कंकड़ है. मतलब सर्वस्व शंकर हैं.”

कार्यक्रम में उपस्थित संस्थापक साईं धाम एडवोकेट के डी द्विवेदी, सचिव साईं धाम सुशीला द्विवेदी, शैलेंद्र द्विवेदी , देवांश दत्त विवेदी, राजेश द्विवेदी, सूरज चौरसिया, बच्चा निर्मल ,अमित तिवारी ,ज्ञानस्वरूप मिश्रा ,राहुल त्रिपाठी विकास त्रिपाठी व धर्मेंद्र कुमार शुक्ल समेत अन्य भक्तगणों ने कथा का रसपान किया|

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Comment

Read More