
रविंद्र कुमार/झुंझुनूं. केड गांव के घुमंतू परिवार के प्रतिभाशाली बबलू नाथ ने अपनी मेहनत के बल पर अभावों को हराया है. बबलू ने अपने संघर्ष के बल पर दसवीं में 94% अंक प्राप्त कर कीर्तिमान स्थापित किया है. केड के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बबलू के पिता हीरानाथ कालबेलिया सपेरा हैं, वह मजदूरी कर के घर चलातें हैं.
बबलू के कच्चे घर में ना छत है न ही अन्य कोई संसाधन हैं. इन के घर बिजली भी नहीं है. थोड़ी बरसात होने तेज हवा चलने पर घर की छत पर लगे छप्पर उड़ जाते हैं. ऊपर से पानी टपकने लग जाता है. फिर भी बबलू ने अभावों की परवाह किए बिना मेहनत की ओर अपने परिवार का नाम रोशन करना किया.
पिता लगाते हैं फेरी
पिता हीरानाथ घर-घर फेरी लगा के बीन बजा के जो भी मिलता इस से परिवार चलाते हैं. बबलू का रिजल्ट देख कर न केवल परिवार खुश है. बल्कि पूरी बस्ती में खुशी की लहर है. बबलू की मां भी इधर उधर से कुछ मांग कर घर चलती है. बबलू की पढ़ने की रुचि शुरू से ही थी, जब वो पांचवी क्लास में थे तभी से इस पर उसके गुरुजनों का खास ध्यान रहता था, बबलू के शिक्षक हर समय उस की मदद करते थे. जिस वजह से उसे सहारा मिलता रहा.
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गुरुजन ही उपलब्ध करवाते थे भोजन
बबलू ने बताया कि उसकी प्रतिभा को पहचान के उसके गुरुजन द्वारका प्रसाद व सुभाष ने हमेशा सहयोग किया, जब कभी घर पर भोजन की भी आवश्यकता होती थी तो उनके गुरुजनों द्वारा उसे भोजन भी उपलब्ध करवाया जाता था, जिससे कि उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब ना हो
घर में सुविधाओं के नाम पर सब कुछ जीरो है, न तो बिजली है न ह उज्जवला का गैस कनेक्शन है. बबलू के परिवार में बबलू छः बहन भाई हैं. जिनमें से तीन बहनों की शादी हो चुकी है. बबलू ने बताया कि वह आगे पढ़ना चाहता है और आईएएस बनना चाहता है.
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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 22:03 IST






